हनोवर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हनोवर मेसे व्यापार मेले में जर्मनी के निवेशकों को भारत में अधिकाधिक निवेश करने के लिए आमंत्रित किया और उन्हें वे खासियतें गिनाईं, जिसके कारण भारत आज निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य है. जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल के साथ भारतीय पैवेलियन का उद्घाटन करते हुए मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में उनके 10 महीने के कार्यकाल में उनकी सरकार ने पिछली तिथि के प्रभाव से लागू होने वाली कर नीति समाप्त कर दी है, मंजूरी की प्रक्रिया तेज की है और नवाचार तथा उद्यमिता को बढ़ावा दिया है.

मोदी ने कहा, “यह सब जर्मन कंपनियों के लिए ऐतिहासिक अवसर है. आपको मेरी सरकार की दिशा और उसका काम-काज पहले से पता होगा. हम कारोबारी माहौल बेहतर करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.” उन्होंने कहा, “मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि जब आप भारत में आएंगे, तो आपको पूरी सुविधा मिलेगी.” उन्होंने कहा, “आप खुद भारत में परिवर्तन की बयार देखेंगे. आप जिस चीज में मजबूत हैं, हम उस क्षेत्र का विकास करना चाहते हैं. हम आपकी सहभागिता चाहते हैं.”

भारत इस साल दुनिया के सबसे बड़े औद्योगिक मेले हनोवर मेसे का साझेदार देश है. मोदी और मर्केल ने रविवार शाम मेले का उद्घाटन किया. प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत-जर्मनी साझेदारी बढ़नी चाहिए. हनोवर मेसे में भागीदारी दोनों पक्षों के लिए लाभकारी होगी.” मेले में आम तौर पर करीब 6,000 प्रदर्शक और करीब दो लाख दर्शक पहुंचते हैं. भारतीय पैवेलियन को देखने के बाद मर्केल ने मोदी से कहा, “मैंने कभी इतना जीवंत शो नहीं देखा. इसने भारत की सभ्यता, संस्कृति और प्रौद्योगिकी को जीवंत कर दिया.”

भारत 2006 में भी मेले का साझेदार देश था. इस वर्ष मेले में 350 भारतीय कंपनियां हिस्सा ले रही हैं. मेले में कई भारतीय कंपनियों के प्रमुख शिरकत कर रहे हैं, जिसमें टाटा समूह के अध्यक्ष साइरस मिस्त्री और इंफोसिस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विशाल सिक्का भी शामिल हैं. मोदी के साथ मेले में पांच केंद्रीय मंत्री और तीन मुख्यमंत्री भी हिस्सा ले रहे हैं. मेले में 18 भारतीय राज्य हिस्सा ले रहे हैं. इन दिनों मेक इन इंडिया का लोगो शेर जर्मनी में हर जगह देखा जा सकता है.

मोदी ने कहा कि मेक इन इंडिया के लोगो शेर का चुनाव काफी सोच समझ कर किया गया है. शेर को रोका नहीं जा सकता है. उसी तरह हमारी यात्रा को भी नहीं रोका जा सकता है. उन्होंने कहा, “भारत-जर्मनी आर्थिक सहयोग में काफी संभावना है. हमारी साझेदारी अभी उस स्तर पर नहीं पहुंच पाई है, जहां हम इसे देखना चाहते हैं.”

जर्मनी भारत में आठवां सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेशक (एफडीआई) है। 1991 से लेकर 2014 तक जर्मनी ने भारत में कुल 7.57 अरब डॉलर मूल्य का एफडीआई किया है. जर्मनी यूरोपीय संघ में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार भी है. दोनों देशों का आपसी व्यापार 2014 में 16 अरब यूरो था. जर्मनी के एक समाचार पत्र फ्रैंकफर्ट अलगेमीन जीटंग में सोमवार को प्रकाशित एक आलेख में मोदी ने कहा, “हमारे ‘एक्ट ईस्ट’ और ‘लिंक वेस्ट’ नीति से भारत में एक विनिर्माण केंद्र के रूप में पूर्व और पश्चिम का सेतु बनने की संभावना है.”

मोदी ने कहा, “भारत को वैश्विक विकास का एक इंजन बनाना चाहता हूं. हमारा लोकतांत्रिक सिद्धांत और व्यवहार स्थायित्व का भरोसा दिलाने वाला है. हमारे पास एक स्वतंत्र मीडिया और स्वतंत्र न्यायपालिका है, जो सभी प्रकार की मुक्त अभिव्यक्ति को जगह देता है.” मोदी बर्लिन पहुंच चुके हैं, जहां वह मर्केल के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे.
IANS