मॉस्को. नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़े फाइलों को लेकर भारत ने रुस से कहा कि अगर उनके पास नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़े सात दशक पुराने रहस्य पर कोई सूचना है तो वह उसे साझा करे. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपने रुसी समकक्ष सर्गेई लावारोव के साथ मुलाकात के दौरान यह मुद्दा उठाया.
 
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरुप ने बताया, ‘रुसी मंत्री ने कहा कि वह इस मामले पर गौर करेंगे और अगर कोई सूचना है तो उससे भारत को अवगत कराएंगे.’ बोस के परिवार को लगता है कि नेताजी के लापता होने के संदर्भ में जापान, रुस और ब्रिटेन सहित कई देशों के पास सूचना है.
 
 
इस मामले पर मोदी सरकार ने नेताजी के परिवारवालों से मुलाकात के बाद ऐलान कर दिया है कि सरकार अगले साल 23 जनवरी से सुभाष चंद्र बोस से संबंधित गोपनीय फाइलों को सार्वजनिक करना आरंभ करेगी.
 
उम्मीद की जा रही है कि केंद्र सरकार के इस फैसले से नेताजी की जिंदगी और मौत पर सदियों से पड़े रहस्य के बादल छंटेंगे और देश की जनता को अपने हीरो के अधूरे सच का बाकी हिस्सा भी जानने को मिलेगा. बता दें कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल ही में नेता जी से संबंधित 64 फाइलें सार्वजनिक की थीं.