नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने दादरी हत्याकांड के विरोध में लेखकों द्वारा अपने पुरस्कार लौटाए जाने पर सवाल खड़ा किया है. उन्होंने कहा कि इस तरह से सम्मान लौटाए जाने के पीछे कोई सियासी साजिश है. लेखकों ने आपातकाल में पुरस्कार नहीं लौटाए, 1984 के दंगों के विरोध में पुरस्कार नहीं लौटाए और मुजफ्फरनगर में हुए दंगे के विरोध में भी पुरस्कार नहीं लौटाए थे तो अब क्यों?
 
रविशंकर ने कहा  ने कहा कि वह लेखकों की विद्वता का सम्मान करते हैं. उन्हें उनकी योग्यता के लिए पुरस्कार मिलते हैं. उन्हें भी पुरस्कारों का सम्मान करना चाहिए. इस घटना की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी निंदा कर चुके हैं और भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह भी बयान दे चुके हैं. उन्होंने कहा कि दादरी घटना के लिए उत्तरप्रदेश सरकार की जिम्मेदारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. 
 
बता दें कि यूपी के दादरी के बिसाहडा गांव में पिछले दिनों कथित गोमांस रखने की अफवाह के चलते उग्र भीड़ ने 50 वर्षीय अखलाक की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी.