नई दिल्ली. दिल्ली में जनता के अच्छे दिन आए या ना आए पर विधायकों के अच्छे दिन जरूर आने वाले हैं. दिल्ली के विधायकों का वेतन जल्द ही चार गुना से ज्यादा बढ़ने वाला है. विधायक का वेतन बढ़ाये जाने की मांग को लेकर गठित कमेटी ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल को सौंप दी है. कमेटी ने विधायकों के वेतन में परिवर्तन की सिफारिश की है. अब सरकार को फैसला लेना है कि वो कमेटी के प्रस्ताव के हिसाब से विधायकों का वेतन बढ़ाती है या नहीं. हालांकि सरकार विधायकों का वेतन बढ़ाए जाने को लेकर पहले ही अपना समर्थन दे चुकी है.

कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में विधायकों की सैलरी और उनके भत्तों में कई गुना बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव दिया है. वर्तमान में दिल्ली के विधायकों को 12 हजार रुपए वेतन मिलता है लेकिन अगर वेतन बढ़ाने की सिफारिश मान ली जाती है तो विधायकों को लगभग 50 हजार सैलरी मिलेगी.

हालांकि दिल्ली विधानसभा में विपक्ष में तीन विधायकों के साथ बैठी बीजेपी इसका विरोध कर रही है. बीजेपी का आरोप है कि सरकार की प्राथमिकता बदल गई है. आम आदमी के बजाए अब सरकार की पहली प्राथमिकता पर विधायकों की सैलरी आ गई है.

कमेटी की वकालत

कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में विधायकों को महीने की दो लाख 35 हजार रूपए वेतन देने की पेशकश की है. इसमें बेसिक सैलरी 12 हजार रूपए से बढ़ाकर 50 हजार रूपए करने, विधानसभा भत्ता 18 हजार रूपए से बढ़ाकर हर महीने 50 हजार रूपए करने, दफ्तर के कम्प्यूटर ऑपरेटर, ऑफिस असिस्टेंट, रिसर्च और दूसरे खर्चे पर हर महीने 70 हजार रूपए, दफ्तर के किराये के लिए हर महीने 25 हजार रूपए, कम्यूनिकेशन अलाउएंस आठ हजार रूपए से बढ़ाकर दस हजार रुपए करने, परिवहन भत्ता यानि कंवेंस अलाउंएंस छह हजार से बढ़ाकर 30 हजार रूपए करने, विधानसभा सत्र के दौरान रोजाना भत्ता एक हजार से बढ़ाकर दो हजार रूपए करने और दफ्तर के फर्निशिंग के लिए एक मुश्त एक लाख रूपए दिये जाने की वकालत की है.