पटना. संघ प्रमुख मोहन भगवत के आरक्षण की समीक्षा करने वाले बयान को लेकर आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव ने मोर्चा खोल दिया है. लालू ने ट्विटर के जरिये जवाब देते हुए कहा है कि RSS और बीजेपी आरक्षण खत्म करने का कितना भी सुनियोजित माहौल बना ले लेकिन देश के 80 फ़ीसदी दलित और पिछड़े इन्हें मुंहतोड़ जवाब देंगे. 
 
लालू ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि तुम (बीजेपी) आरक्षण खत्म करने की कहते हो, हम इसे आबादी के अनुपात में बढ़ायेंगे. माई का दूध पिया है तो खत्म करके दिखाओ? किसकी कितनी ताकत है पता लग जायेगा. तथाकथित चाय बेचने वाला, हाल ही में पिछड़ा बना मोदी बतायें कि वो अपने आका मोहन भागवत के कहने से आरक्षण खत्म करेंगे की नहीं ?
 
मनीष तिवारी भी सपोर्ट में आए 
भागवत के इस बयान के बाद कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने भी आरक्षण नीतिक में बदलाव की वकालत की है. तिवारी ने कहा कि आरक्षण का आधार आर्थिक होना चाहिए और इस तरह तिवारी ने आरएसएस की मांग का समर्थन किया है. आर्थिक आधार पर आरक्षण की वकालत करते हुए मनीष तिवारी ने कहा, “ग़रीबी सबसे बड़ा पिछड़ापन है.
 
अब समय आ गया है कि इसपर बात होनी चाहिए कि इस 21वीं सदी में आरक्षण प्रासंगिक है की नहीं और आरक्षण का क्या आधार होना चाहिए और सबसे बेहतर तो ये रहेगा कि जाति, समुदाय और धर्म से ऊपर जाकर आरक्षण का आधार आर्थिक होना चाहिए.” भागवत और मनीष तिवारी के बयान से साफ है कि आरक्षण का गरमाया मुद्दा अभी शांत होने वाला नहीं है और अब इसपर नई बहस शुरू होने से नए नतीजे के आने के आसार बढ़ गए हैं.