नई दिल्ली. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा को अब देश के हर एयरपोर्ट पर जाकर तलाशी से छूट वाली लिस्ट से अपना नाम हटाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. केंद्र सरकार ने उनके आग्रह पर उन्हें तलाशी से मिली छूट वापस ले ली है.

वाड्रा ने कुछ दिन पहले सोशल नेवटर्किंग साइट फेसबुक पर लिखा था कि सरकार से कई बार कहने के बाद भी उनका नाम वीवीआईपी लिस्ट से नहीं हटाया जा रहा है इसलिए अब वो खुद देश के हर एयरपोर्ट पर जाकर अपने नाम पर टेप चिपका देंगे.

वीवीआईपी लिस्ट से नाम हटने पर कांग्रेस जहां इसे वाड्रा की मर्जी बता रही है वहीं केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने भी कहा कि चूंकि ये वाड्रा की मर्जी थी इसलिए नाम हटाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था.

रॉबर्ट वाड्रा ने नाम हटाने का फैसला सामने आने के बाद फेसबुक पर लिखा है कि वो इस कदम का स्वागत करते हैं और उम्मीद करते हैं कि राजनीतिक विरोधी अब इस मामले को लेकर उनके खिलाफ हमले बंद कर देंगे.

अब आम नागरिक की तरह देनी होगी तलाशी

वाड्रा का नाम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री जैसे लोगों के साथ उस वीवीआईपी लिस्ट में शामिल था जिन लोगों की देश के किसी एयरपोर्ट पर तलाशी नहीं होत. लिस्ट से नाम हटने के बाद अब किसी एसपीजी सुरक्षा वाले व्यक्ति के साथ यात्रा करने पर भी उनकी तलाशी ली जाएगी. वाड्रा की पत्नी प्रियंका गांधी को एसपीजी सुरक्षा मिली हुई है.

इसी के साथ अब उन्हें एयरपोर्ट पर ली जाने वाली तलाशी में छूट नहीं मिलेगी. लिस्ट से नाम हटने के बाद अब किसी एसपीजी सुरक्षावाले व्यक्ति के साथ यात्रा करने पर उनकी जामा तलाशी ली जाएगी.

 
 
इससे पहले रॉबर्ट वाड्रा ने एयरपोर्ट पर उन्हें मिलने वाले वीआईपी ट्रीटमेंट को बंद करने के लिए सोशल साइट फेसबुक एक पोस्ट लिखा था. वाड्रा ने लिखा है, ‘मैं कोई वीवीआईपी या वीआईपी नहीं हूं, बल्कि भारत का एक आम नागरिक हूं. पहले भी कई बार संबंधित अथॉरिटी को एयरपोर्ट की वीआईपी लिस्ट से मेरा नाम हटाने के लिए लिख चुका हूं, लेकिन सरकार ने अब तक मेरा नाम नहीं हटाया. अब देश के हर एयरपोर्ट पर जाकर खुद लिस्ट में लिखे अपने नाम पर टेप चिपकाऊंगा. मेरे साथ आम नागरिकों की तरफ बिहैव किया जाना चाहिए.’