नई दिल्ली. नरेंद्र मोदी सरकार के 15 महीने पूरे होने के बाद एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बड़े नेता सरकार के कामकाज की समीक्षा के लिए 2 सितंबर से 4 सितंबर तक लगातार तीन दिन बैठक करेंगे. बिहार विधानसभा के चुनाव पर भी बीजेपी और संघ अपनी रणनीति को अंतिम रूप देंगे.

पार्टी सूत्रों का कहना है कि 2 सितंबर से लेकर 4 सितंबर तक चलने वाली बीजेपी-आरएसएस कोऑर्डिनेशन बैठक में भारतीय मजदूर संघ जैसे आरएसएस के सहयोगी संगठनों के प्रमुख भी हिस्सा लेंगे. इससे पहले की बैठकों में सरकार और संघ दोनों तरफ से सीमित संख्या में वरिष्ठ नेता हिस्सा लेते थे.

तीन दिन चलेगी बैठक, संघ से जुड़े संगठनों के नेता भी होंगे

बैठक कहां होगी ये अभी तक साफ नहीं हुआ है लेकिन पिछले साल जुलाई और इस साल मार्च में हुई इसी तरह की बैठक बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के आवास पर हुई थी.

बैठक में आरएसएस से जुड़े दूसरे संगठनों के नेताओं को बुलाने और इस बैठक के लिए लगातार तीन दिन तय करने से ये अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार बीजेपी-आरएसएस की समन्वय बैठक में चर्चा का दायरा बड़ा और मुद्दे व्यापक होंगे.