नई दिल्‍ली. पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सरताज अज़ीज़ और कश्मीर के अलगाववादी संगठन हुर्रियत के प्रतिनिधियों के बीच मुलाकात के मुद्दे पर भारत ने अपना रूख और कड़ा कर लिया है. विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि भारत ने कल ही पाकिस्तान को ये सलाह दी है कि हुर्रियत से अज़ीज़ की भारत में मुलाकात इन परिस्थितियों में ठीक नहीं है. 
 
ज़ाहिर है भारत ने अपना रूख कड़ा कर लिया है. कल तक सरकारी सूत्रों के हवाले से यही संकेत दिए जा रहे थे कि अगर अज़ीज़ और हुर्रियत प्रतिनिधियों की मुलाक़ात राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक के बाद होती है तो भारत को इस पर कोई ऐतराज नहीं होगा. इसी तरह के संकेत सत्ताधारी पार्टी बीजेपी के सूत्रों के हवाले से भी आई थी, लेकिन विदेश मंत्रालय का ताज़ा बयान पिछले संकेतों से उलट है. इसमें सीधे तौर पर पाकिस्तान को सलाह दी गई है कि मुलाक़ात ही ठीक नहीं है.
 
पाकिस्तान की तरफ से इस पर कोई फौरी प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता काज़ी खलीलुल्लाह ने कल ही साफ किया था कि दोनों देशों के बीच बातचीत से पहले कश्मीरी नेताओं से मुलाकात और सलाह-मशविरा एक सामान्य प्रक्रिया है जो पहले भी होती रही है. ऐसे में इस बात की उम्मीद कम ही है कि पाकिस्तान भारत के सलाह मानेगा. भारत की सलाह मानने का मतलब पाकिस्तान का भारत के सामने झुकना माना जाएगा और ये भी कि पाकिस्तान कश्मीर के मुद्दे से समझौता कर रहा है. ऐसा पाकिस्तान हरगिज़ नहीं चाहेगा.