दुबई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को दुबई में एनआरआई भारतीयों को संबोधित करते हुए पाकिस्तान का नाम तो नहीं लिया लेकिन उन्होंने पड़ोसी देश को अपना संदेश खुलकर देने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी. उन्होंने कहा, ‘मैं ये संदेश जिन लोगों तक पहुंचाना चाहता हूं उन लोगों तक ये संदेश ज़रुर पहुंच रहा है।’ नरेंद्र मोदी ने ये बातें भारत और यूएई के बीच हुए आतंकवाद से लड़ने के संकल्प के बारे में चर्चा करते हुए कहा.’      
 
दोनों देशों द्वारा जारी संयुक्त वक्तव्य में अपरोक्ष तौर पर पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा गया है कि दोनों देश चरमपंथ और धर्म के बीच किसी भी तरह के संबंध की संभावना को पूरी तरह से खारिज करते हैं, चाहे वो किसी देश द्वारा धर्म का इस्तेमाल आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए ही क्यों न किया जा रहा हो.
 
इस वक्तव्य में आतंकवाद के ढांचे को खत्म करने और इसके दोषियों को सज़ा देने की ज़रुरत पर बल दिया. पीएम मोदी का ये बयान तब आया है जब जम्मू कश्मीर में एलओसी के पास लगातार तनाव बढ़ रहा है. भारत और पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच अगले सप्ताह होने वाली बातचीत से पहले सीमा पार से की गई गोलीबारी के कारण छै नागरिकों की मौत हो गई है। इसमें एक 12 साल का बच्चा भी शामिल है.
 
पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा कि, आप गुड टेररिज़्म – बैड टेररिज़्म, गुड तालिबान-बैड तालिबान के बीच फर्क़ नहीं कर सकते हैं, या तो आप आतंकवाद के साथ हैं या इंसानियत के साथ. उन्होंने कहा कि, ‘जो लोग आतंक के राह पर हैं उन्हें भी समस्याओं के समाधान के लिए बातचीत करना पड़ेगा.’ पीएम का दो दिन का यूएई दौरा खत्म हो गया है. दौरे के अंतिम दिन उन्होंने तक़रीबन 55 हज़ार लोगों को संबोधित किया. पिछले 34 सालों संयुक्त अरब अमीरात जाने वाले मोदी पहले प्रधानमंत्री हैं। यूएई में भारतीयों की कुल आबादी 2.5 मिलियन है.