नई दिल्ली: अल्पेश ठाकुर और हार्दिक पटेल के बाद कांग्रेस पार्टी गुजरात चुनाव से पहले दलित नेता जिग्नेश मेवानी को साधने में जुटी थी लेकिन जिग्नेश ने राहुल गांधी को झटका दे दिया. जिग्नेश आज दिल्ली में थे लेकिन उन्होंने राहुल गांधी से मिलने से इनकार कर दिया. मेवानी ने फेसबुक पर पोस्ट जारी कर कांग्रेस से पूछा कि पहले वो दलितो को लेकर अपना रुख साफ करे. मेवानी ने लिखा- हम राहुल गांधी जी को या किसी भी नेता को मिलेंगे तो हमारे व्यक्तिगत लाभ के लिये नहीं मिलेंगे. मिलेंगे तो दलित समाज के जिन सवालों को लेकर गुजरात की बीजेपी सरकार बात करने को तैयार नहीं उन सवालों पर कांग्रेस पार्टी का पक्ष क्या है उस की स्पष्टता के लिए ही मिलेंगे. हम चोरी छुपी किसी को क्यों मिलें? रही बात मिलने-जुलने की तो खबर ये बननी चाहिए कि 22 साल में गुजरात की जनता को क्या मिला? 
 
दरअसल, राहुल गांधी कल से एक बार फिर गुजरात के तीन दिनों के दौरे पर हैं. इससे पहले जिग्नेश से दिल्ली में उनकी मुलाकात एक नई हलचल पैदा कर सकती थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका. जिग्नेश ने राहुल से मिलने से इनकार कर दिया. जबकि कांग्रेस की नज़र गुजरात के 21 फीसदी SC-ST वोटों पर थी. जिग्नेश मेवाणी की दलितों पर अच्छी पकड़ है. खास तौर पर उना में फर्जी गौरक्षकों की ओर से दलितों की पिटाई के बाद उन्होंने जो आंदोलन चलाया है उससे उनकी लोकप्रियता काफी बढ़ गई है लेकिन जिग्नेश ने हार्दिक की तरह राहुल गांधी से चोरी-छुपे मिलने की गलती नहीं की. हालांकि, कांग्रेस को उनसे अब भी उम्मीद है क्योंकि जिग्नेश बीजेपी के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं.
 
इस बीच, पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल ने आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस को 7 नवंबर का अल्टीमेटम दे दिया है. हार्दिक पटेल ने कहा है कि 3 नवंबर को सूरत में होने वाली कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की जनसभा का वो न ही समर्थन करेंगे, ना ही विरोध लेकिन 7 नवंबर तक कांग्रेस को आरक्षण के मुद्दे पर अपना रुख साफ करना होगा. कांग्रेस ने हार्दिक पटेल से कहा है कि वो कानूनी राय ले रही है. तब तक हार्दिक को इंतजार करने को कहा है.
 

बताया जा रहा है कि हार्दिक पटेल अब ओबीसी कोटे के तहत ही पटेलों को आरक्षण देने की मांग कर रहे हैं. उन्हें मालूम है कि 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण नहीं मिल सकता और गुजरात में साढ़े उनचास फीसदी आरक्षण पहले से ही है. बीजेपी सरकार ने पटेलों को खुश करने के लिए ईबीसी कोटे के तहत 10 फीसदी आरक्षण का ऐलान किया था लेकिन हाईकोर्ट ने उस पर रोक लगा दी थी. ऐसे में हार्दिक की मांग पर कांग्रेस गोलमोल जवाब दे रही है.