नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लाल किले से दूसरी बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया. पूर्व सैनिकों को उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री उनके लिए कोई बड़ी घोषणा करेंगे लेकिन पीएम मोदी ने रिटायर्ड फौजियों के लिए वन रैंक-वन पेंशन योजना का ऐलान नहीं किया. हालांकि, पीएम ने कहा कि उनकी सरकार ने सैद्धांतिक रूप से ‘वन रैंक वन पेंशन’ को मंजूरी दे दी है. 
 
केंद्र सरकार इसके सकारात्मक परिणाम सामने आने की उम्मीद करती है. मोदी ने कहा, ‘देश के नागरिक हमारे जवानों की वजह से ही शांतिपूर्वक सो पाते हैं. सैनिक हमारे राष्ट्रीय संसाधन हैं.’ उन्होंने कहा, ‘बहुत सी सरकारें आईं और सभी के सामने ‘वन रैंक वन पेंशन’ का मुद्दा आया. सभी ने वादे किए, लेकिन समाधान नहीं निकल पाया. यहां तक एनडीए सरकार बनने के बाद भी समस्या जस की तस है.
 
उन्होंने कहा, ‘मैं एक बार फिर आश्वस्त करता हूं, यह एक व्यक्ति की बात नहीं है, बल्कि मैं 125 करोड़ लोगों की ओर से, तिरंगे के नीचे, लाल किले की प्राचीर से यह घोषणा करता हूं कि हमने ‘वन रैंकर वन पेंशन’ को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया है. बातचीत की प्रक्रिया जारी है.’ उन्होंने कहा कि जिस भरोसे के साथ बातचीत हो रही है, उससे उन्हें उम्मीद है कि सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे.