पटना. लालू यादव ने सृजन घोटाले को लेकर नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. रैली से लेकर ट्विटर तक लालू यादव सृजन घोटाले पर नीतीश कुमार और बीजेपी पर हमला बोल रहे हैं. लालू ने दावा किया है कि इस घोटाले में नीतीश की संलिप्तता से संबंधित सारे कागजात उनके पास मौजूद हैं.
 
लालू यादव ने सृजन घोटाले को लेकर एक के बाद एक कई सारे ट्वीट्स किये. उन्होंने कहा कि बीजेपी से डील के मुताबिक सीबीआई नीतीश पर एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है. उन्होंने कहा कि नीतीश के खिलाफ उनके पासे कागजात हैं. 
 
लालू ने ट्वीट कर कहा कि 10 जुलाई से 29 जुलाई तक चार बार चेक बाउन्स हुआ. सरकार की मनुहार के बावजूद सृजन के लोग सरकारी खजाने का रुपया लौटाने को तैयार नहीं थे. उन्होंने कहा कि BJP के शीर्ष नेताओं को सृजन का पता लग चुका था.
 
 
लालू ने कहा कि बीजेपी की ओर से नीतीश के पास करारा संदेश भेजा गया. चिंतित नीतीश पटना-दिल्ली, दिल्ली-पटना करने लगे. BJP जानती है लालू लड़ाका है रणछोड़ नहीं है. उसने संघमुक्त भारत का नारा लगाने वाले नीतीश को दो ऑप्शन दिए- सृजन में जेल जाओ या महागठबंधन तोड़ो.
 
लालू ने कि CAG की मार्च 2008 की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से सृजन घोटाले का ज़िक्र किया गया है. उन्होंने कहा कि कैग की रिपोर्ट के बाद भी नीतीश ने कोई संज्ञान नहीं लिया. उन्हहोंने कहा कि क्या कैग की रिपोर्ट गलत है?
 
लालू ने ट्वीट कर कहा कि 2007 में भागलपुर के तत्कालीन DM ने सरकारी ख़ज़ाने का पैसा सृजन के अकाउंट मे जमा करने पर पाबंदी लगा दी थी. नीतीश बताये फिर किसने शुरू करवाया? साथ ही उन्होंने कहा कि सृजन मे अवैध रूप से सरकारी पैसा जमा कराने का आदेश देने वाले ज़िला अधिकारी को नीतीश ने अपनी पार्टी से 2014 का लोकसभा चुनाव लड़वाया.
 
 
बता दें कि भागलपुर के सृजन घोटाले को लेकर बिहार की राजनीति खूब गरमाई हुई है. बताया जा रहा है कि 2007 में इसमें करीब हजार करोड़ रुपये का घोटाला हुआ, जिसेक खिलाफ अब लालू और उनके बेटों ने शंखनाद कर दिया है. इसमें सुशील मोदी की संलिप्तता की भी बात सामने आ रही है.