नई दिल्ली. कांग्रेस ने ललित मोदी प्रकरण पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के बयान को फ़िज़ूल और पहले दिए गए बयान के उलट बताते हुए आज आरोप लगाया कि वह जानबूझकर इस मुद्दे को भावनात्मक रूप देने की कोशिश कर रही हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा कि स्वराज ने पद का दुरुपयोग करते हुए ऐसे व्यक्ति की मदद की है, जिसके खिलाफ रेड अलर्ट जारी है और जिसकी तलाश एक बड़े घोटाले के कारण देश को है. 

सुषमा माहौल को भावनात्मक बनाना चाह रही हैं
विदेश मंत्री के बयान को अपने बचाव में क्षमा याचना करार देते हुए उन्होंने कहा कि वह सोची समझी रणनीति के तहत मसले को मानवीय आधार देकर भावुक बनाने की कोशिश कर रही हैं. शर्मा ने कहा कि इस तरह से मुद्दे को भावुक बनाकर विदेश मंत्री अपने जिम्मेदारी से बच नहीं सकती. उन्होंने कहा कि स्वराज को वह परिस्थिति बतानी होगी कि उन्होंने किस आधार पर कानून के भगोडे की मदद की है. दस्तोवेजों के अनुसार विदेश मंत्री ने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया है और एक आरोपी की मदद करके बड़ा अपराध किया है इसलिए इस मुद्दे को भावुक रूप देकर वह बच नहीं सकतीं.

सुषमा ने शपथ का उल्लंघन किया है 
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि स्वराज कहती हैं कि उन्होंने मानवता के आधार पर कानून के भगोड़े की पत्नी की मदद की है, लेकिन जिस पद की शपथ उन्होंने ली है, उसमें इस तरह से अनैतिक कार्य करने की इजाजत नहीं है. भगोड़े की पत्नी को विदेश मंत्री ने अपने पद का इस्तेमाल करते हुए वह यात्रा दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं, जिसे ब्रिटेन का विदेश विभाग पहले खारिज कर चुका था. उन्होंने कहा कि इस दस्तावेज को उपलब्ध कराने के बारे में विदेश सचिव सुजाता सिंह को कोई जानकारी नहीं दी गई थी. यह सूचना ब्रिटेन स्थित भारतीय उच्चायुक्त को भी नहीं दी गई, तो फिर यह मदद किस आधार पर की गई उन्हें इसका जवाब देश की जनता को देना पड़ेगा. यह बड़ा अपराध है और इसे भावुक बनाकर पल्ला झाडने की उनकी कोशिश काम आने वाली नहीं है.

आनंद ने कहा कि जिस व्यक्ति की मदद की वह विदेशों में ऐश करने गया था और ब्रिटेन ने उसके यात्रा दस्तावेज को अपने नियमों के अनुसार पहले खारिज कर दिया था. स्वराज के दबाव डालने की बात जब वहां के विदेश विभाग के प्रमुख तक पहुंचायी गयी तो उन्होंने सवाल किया कि द्विपक्षीय संबंधों पर इसका असर पड़ सकता है, तो स्वराज ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पडेगा. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर प्रधानंत्री अपने जिम्मेदारी से बच नहीं सकते हैं और एक ही अपराध के लिए दो तरह की व्यवस्था नहीं हो सकती है. उन्हें विदेश मंत्री को पद से हटाना पड़ेगा.

सुषमा बोलीं मैंने ललित नहीं उनकी पत्नी की मदद की थी
इससे पहले ललित मोदी प्रकरण पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आज कहा कि उन्होंने आईपीएल के पूर्व चेयरमैन की नहीं, बल्कि कैंसर से पीड़ित उनकी पत्नी की मदद की थी. इस मामले में विदेश मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही कांग्रेस अध्यक्ष के पाले में गेंद डालते हुए उन्होंने कहा कि अगर सोनिया गांधी उनकी जगह होतीं, तो क्या वह उस महिला को मरने के लिए छोड़ देतीं.

विदेश मंत्री ने कहा कि यदि एक कैंसर से पीड़ित महिला की मदद करना अपराध है, तो मैं देश के समक्ष अपना गुनाह कुबूल करती हूं और इसके लिए सदन मुझे जो सजा देना चाहे, मैं भुगतने के लिए तैयार हूं. उन्होंने साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा, यदि सोनिया गांधी मेरी जगह होतीं तो क्या वे ऐसी कैंसर पीड़ित महिला को मरने के लिए छोड़ देतीं. यह बड़ा मानवीय संवेदना का मामला है। यह ललित मोदी की मदद करने का मामला नहीं है. 

एजेंसी इनपुट भी