नई दिल्ली. लोकसभा की कार्यवाही लगातार बाधित करने के कारण निलंबित हुए 25 कांग्रेसी सांसदों के बचाव में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी उतर आई है. उन्होंने संसद परिसर में लोकसभा अध्यक्ष के इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह फैसला लोकतंत्र पर एक काला धब्बा है.

उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मन की बात सुननी चाहिए. देश भी यही चाहता है. जिस तरह से उन्होंने हमारे सांसदों को सस्पेंड किया. यह लोकतंत्र की हत्या है.’ मंगलवार के दिन संसद की कार्यवाही शुरु होते ही सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह और राहुल गांधी के साथ संसद परिसर पहुंची और निलंबन का विरोध किया.

इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के साथ एनसीपी, आरजेडी, सपा सहित कुल आठ पार्टियां शामिल है. सोमवार के दिन लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने संसद की कार्यवाही बाधित करने के कारण कांग्रेस के 25 सांसदों को पांच दिनों के लिए निलंबित कर दिया. मॉनसून सत्र में कांग्रेस लगातार ललित मोदी और व्यापम मामले पर मोदी सरकार को घेरे हुए है. उनकी मांग है कि इन दोनों मामले में सुषमा स्वराज, वसुंधरा राजे और शिवराज सिंह चौहान इस्तीफा दे.