नई दिल्ली. मॉनसून सत्र के दौरान संसद में हुए लगातार हंगामे को देखते हुए लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कांग्रेस के 25 सांसदों को पांच दिनों के लिए निलंबित कर दिया. इन सभी पर लगातार पांच दिनों तक संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप था. लोकसभा स्‍पीकर की इस कार्रवाई के बाद लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्‍थगित कर दी गई. 

सस्पेंड हुए सांसद निनांग ने कहा,’स्पीकर पार्लियामेंट की अभिभावक हैं. अगर वह इस तरह फैसला लेंगी तो इससे गलत संदेश जाएगा. हम पांच दिनों तक इस फैसले के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे. मैडम ने कहा कि हमने प्लेकॉर्ड दिखाएं. टीवी फुटेज देख लीजिए ऐसा कुछ नहीं दिखेगा.’ दूसरी तरफ इस मामले पर तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि वह स्पीकर के फैसले के खिलाफ सस्पेंड कांग्रेसियों का साथ देंगे. 

सस्पेंड सांसद

सस्‍पेंड किए गए सांसद में विसेंट पाला, गौरव गोगोई, सुष्मिता देव, दीपेंद्र हुड्डा, के सुरेश, राजीव सातव, के सी वेणुगोपाल, रवनीत सिंह बिट्टू, एस पी मुद्दाहनुमेगौडा, के एच मुनियप्पा, एम के राघवन, ताम्रध्वज साहू, रंजीता रंजन, रामचंद्रन मुल्लापल्ली, बी एन चंद्रप्पा, संतोख सिंह चौधरी, अबू हसन खान चौधरी, आर ध्रुवनारायण, निनोंग ऐरिंग, सुकेंद्र रेड्डी, सुरेश कोडिकुनिल, अभिजीत मुखर्जी, वी वी नायर, सी एल रुवाला और डॉ टी मेन्या शामिल हैं. लोकसभा में कांग्रेस के कुल 44 सांसद हैं, इस कार्रवाई के बाद सदन में कांग्रेस सांसदों की संख्या घटकर 19 रह गई है.

बता दें कि कांग्रेस ललितगेट और व्यापमं के मुद्दे पर मंत्रियों के इस्तीफ़े की मांग पर अड़ी है. कांग्रेस के सांसद सदन में काली पट्टी बांधकर आए और उन्होंने अपने हाथ में प्ले कार्ड ली हुई थीं और वे लगातार नारेबाज़ी करते रहे, जिसके बाद पहले 11 बजे के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी. 12 बजे लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो इन सांसदों का रवैया बरक़रार रहा.