नई दिल्ली. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में कहा, ‘मन की बात’ करने वाले पीएम नरेंद्र मोदी लगता है मौन व्रत धारण किए हुए हैं. सोनिया ने कहा, बीजेपी ‘अभी इस्तीफा, बाद में चर्चा’ सिद्धांत की लेखक है, जिसे यूपीए शासन के दौरान कम से कम पांच अवसरों पर इस्तेमाल किया गया. हम केवल इसे अपना रहे हैं.

बीजेपी पर हमला करते हुए उन्होंने कहा, ‘सरकार जिम्मेदारी की बजाए अहंकार दिखाते हुए संख्या बल का इस्तेमाल कर रही है. जांच की जगह, महज चर्चा कराना चाहती है. यह स्वीकार्य नहीं है.’ सोनिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की मांगें पूरी होने पर ही संसद चलने देंगे. कांग्रेस ललित मोदी प्रकरण और व्‍यापम घोटाले को लेकर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे की मांग पर कोई ‘ठोस प्रस्ताव’ चाहती है. 

वहीं, कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि भ्रष्‍टाचार से कोई समझौता नहीं होगा. कांग्रेस पार्टी को आरोपी मंत्रियों का इस्‍तीफा चाहिए. सरकार की किसान विरोधी नीतियों से नुकसान हुआ है. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्‍यक्षता में हुई इस बैठक में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत तमाम बड़े नेता और कांग्रेसी सांसदों ने बैठक में हिस्सा लिया.