नई दिल्‍ली. नई दिल्ली: पीएम मोदी को संसद के मानसून सत्र से पहले ही ये अंदाजा है कि कई बडे मुद्दों पर इस बार संसद में उनके दल को घेरने की विपक्ष पुरज़ोर कोशिश करेगा. इसी को ध्यान में रखते हुए संसद के मानसून सत्र में विपक्ष के हमलों का जवाब देने के लिए पीएम मोदी ने आज NDA के घटक दलों की बैठक बुलाई है. इससे पहले कल बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भी बैठक बुलाई थी.

मानसून सत्र की रणनीति तय की गयी
मंगलवार से शुरू हो रहे संसद के मॉनसून सत्र के मद्देनजर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली, सुषमा स्वराज, स्मृति ईरानी, रवि शंकर प्रसाद और पीयूष गोयल सहित पार्टी के विभिन्न सहकर्मियों तथा पार्टी प्रवक्ताओं के साथ रणनीतिक बैठकें की जिस दौरान राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी मौजूद थीं. इसके साथ ही, शाह ने रणनीति को और बेहतर बनाने के लिए जेटली और राजनाथ सिंह तथा वेंकैया नायडू जैसे अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की. बातचीत में भाग लेने के लिए चौहान भी बाद में दिल्ली पहुंच गए.

किसी का भी इस्तीफ़ा नहीं लिया जाएगा
किसी का इस्तीफा नहीं लेने की बात स्पष्ट करते हुए बैठक में यह भी चर्चा हुई कि मंगलवार से शुरू हो रहे सत्र के दौरान संसद में इन मुद्दों पर विपक्ष के हमले का मुकाबला और सरकार एवं पार्टी के जवाब को कैसे सुसंगत किया जाएगा. कांग्रेस ने धमकी दी है कि यदि राजे, विदेश मंत्री सुषमा और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री चौहान को हटाने की मांग नहीं मानी जाती है तो संसद की कार्यवाही नहीं चलने दी जाएगी.

आईपीएल के पूर्व प्रमुख ललित मोदी के साथ संपर्क को लेकर वसुंधरा हमलों का सामना कर रही हैं. ललित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच का सामना कर रहे हैं. सुषमा पर भी ललित की मदद करने के आरोप हैं। व्यापमं घोटाले में चौहान विपक्ष के निशाने पर हैं. सूत्रों ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से पार्टी को संकट में डाले हुए विवादास्पद मुद्दों पर भाजपा रक्षात्मक नहीं दिखना चाहती है. पार्टी के मीडिया प्रकोष्ठ के प्रभारी श्रीकांत शर्मा ने बताया, ‘हम कांग्रेस के दुष्प्रचार अभियान का आक्रामक और प्रभावी तरीके से मुकाबला करेंगे.’ वह शाह की बैठक में मौजूद थे.

एजेंसी इनपुट भी