नई दिल्ली. काफी आलोचनाओं के बाद आखिरकार जातिगत जनगणना के आकड़े को जारी करने के लिए केंद्र सरकार राजी हो गयी है. केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि केंद्र सरकार जातिगत जनगणना के आंकड़े जल्द ही जारी कर देगी.  

जेटली ने प्रेस कांफ्रेंस में की घोषणा
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, सरकार जातिगत जनगणना के आंकड़े को जारी करेगी. जातियों का ब्यौरा अभी राज्यों को देना है, उनसे इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गयी है. कई राज्य ऐसे हैं जिन्हें अभी रिपोर्ट देना है. अधिकत्तर राज्यों ने अबतक रिपोर्ट नहीं भेजी है. अरूण जेटली ने 2011 में केंद्र सरकार के उस फैसले का हवाला दिया है, जिसमें  सरकार ने यह फैसला लिया था कि राज्यों से मिले आंकड़ों का संग्रहण करने के बाद ही सरकार जातिगत जनगणना का आंकड़ा जारी केरगी. 

विपक्ष ने बनाया हुआ था दबाव
जातिगत जनगणना के आंकड़े को जारी करने के लिए सरकार पर विपक्ष ने दबाव बनाया था. खासकर बिहार से इसकी मांग तेज हो गयी थी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कल नीति आयोग की बैठक में भी यह मांग रखी. राष्ट्रीय जनता दल के नेता लालू प्रसाद यादव ने भी राजभवन मार्च के बाद राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए जातिगत जनगणना के आंकड़े को जारी करने की मांग की. बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी इसे एक मुद्दे के रूप में इस्तेमाल कर रही है. वित्त मंत्री ने इस पूरे मामले पर सरकार का पक्ष रखते हुए विरोधियों द्वारा हो रहे हमलों का जवाब देने की कोशिश की है.  

इसके अलावा वित्त मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में 400 रेलवे स्टेशन के पुर्नविकास का एजेंडा भी सामने रखा उन्होंने कहा, सरकार इसके लिए प्रपोजल मांगेगी और अच्छे प्रपोजल को इंटरनेट पर अपलोड करेगी. उससे अच्छे प्रपोजल के लिए लोगों को आगे आने का मौका देगी. इससे एक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा और सरकारी योजनाओं को लागू करने में फायदा मिलेगा.