नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश में कल बीजेपी की सरकार का गठन हो जाएगा, लेकिन एक सवाल जो शुरू से ही पार्टी के सामने कई दफा आ चुका है वह है यूपी की 18 फीसदी मुस्लिम आबादी के लिए कैबिनेट में मुस्लिम चेहरा कहां से लाया जाए? अब इस सवाल पर दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने बड़ा ऐलान किया है.

उन्होंने कहा है कि यू्पी कैबिनेट में मुस्लिम चेहरा भी होगा. बीजेपी नेता ने यह बात इंडिया न्यूज़ को दिए खास इंटरव्यू में कही है. उन्होंने कहा, ‘यूपी कैबिनेट में मुस्लिम चेहरा भी होगा. मनोज सिन्हा का नाम इसलिए राज्य के सीएम के तौर पर चुना जा सकता है क्योंकि वह पूर्वांचल के निर्विवात और बेदाग नेता हैं.’
 
मनोज तिवारी ने कहा, ‘बीजेपी जब-जब मुस्लिम उम्मीदवार चुनाव में उतारती है वह हार जाता है. इसलिए इस बार हमने उन्हें लड़ने का मौका नहीं दिया है और उन्हें सीधे ही मंत्री बना दिया जाएगा. राज्यसभा चुनाव में भी एम जे अकबर को हमने ही सदस्य बनाया.’ साथ ही दिल्ली में होने वाले एमसीडी चुनाव के लिए भी कहा है कि इस चुनाव में बीजेपी मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारेगी.
 
बता दें कि बीजेपी ने 403 सीटों वाली विधानसभा में 312 सीटों पर जीत दर्ज की है. वहीं सहयोगियों को मिलाकर उसने 324 सीटों पर कब्जा जमाया. लेकिन न तो बीजेपी का और न ही सहयोगियों का एक भी विधायक मुस्लिम है. ऐसे में अल्पसंख्यक मामलों और हज जैसे विभाग की जिम्मेदारी को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. 
 
कुछ दिनों पहले राजनाथ सिंह और उमा भारती ने माना था कि मुस्लिमों को टिकट न देना बीजेपी की एक बड़ी चूक थी. अब कयास लगाए जा रहे हैं कि किसी मुस्लिम कार्यकर्ता को मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है.