नई दिल्ली. प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने उन आरोपों के संबंध में नागर विमानन मंत्रालय से रिपोर्ट मांगी है कि केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस के वीआईपी दर्जे के कारण एयर इंडिया के यात्रियों को असुविधा हुई थी. उधर सीएम फड़नवीस ने इस खबर को पूरी तरह गलत बताते हुए मानहानि का केस दर्ज करने की धमकी दी है. 

आधिकारिक प्रवक्ता ने ट्वीट किया कि पीएमओ ने हाल में वीआईपी यात्रा के कारण एयर इंडिया की उड़ानों में देरी पर नागर विमानन मंत्रालय से रिपोर्ट मांगी है. इसके बाद नागर विमानन मंत्रालय ने दो घटनाओं के संबंध में एयर इंडिया से रिपोर्ट मांगी है. नागर विमानन सचिव आरएन चौबे ने कहा कि हम एयर इंडिया से दोनों रिपोटरें की प्रतीक्षा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि रिपोर्टें मिलने के बाद इस पर फैसला किया जाएगा.

यह घटनाक्रम 24 जून से रिजिजू और फड़नवीस के कारण दो उड़ानों में यात्रियों को असुविधा होने के बारे में दो रिपोर्ट्स के सामने आने के बाद का हैं. एक रिपोर्ट कल सामने आयी जिसमें कहा गया है कि 24 जून को लेह-दिल्ली एयर इंडिया उड़ान से एक बच्चे सहित एक ही परिवार के तीन लोगों को उतारा गया ताकि रिजिजू और जम्मू कश्मीर के उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह तथा एक सहयोगी के लिए सीट की व्यवस्था की जा सके. इस वजह से उड़ान में भी कुछ देरी हुई. रिजिजू ने दावा किया था कि विमान के रवाना होने में ‘देरी’ नहीं हुई थी बल्कि तकनीकी कारणों से समय में बदलाव किया गया था. 

कुछ दिन पहले एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया था कि 29 जून को मुंबई से नेवार्क जाने वाली एयर इंडिया की एक उड़ान में उस समय करीब एक घंटे की देरी हुयी जब पता लगा कि फडणवीस के साथ यात्रा कर रहे एक सहयोगी पासपोर्ट के साथ वैध वीजा लेकर नहीं आए थे. प्रधान सचिव प्रवीण परदेसी को चेक इन में मंजूरी प्रदान कर दी गई थी लेकिन विमान में सवार होने के पहले उन्हें रोक दिया गया था क्योंकि उनके पास जो पासपोर्ट था, उसके साथ वैध वीजा नहीं था.

एजेंसी