लखनऊ. समाजवादी पार्टी में दिख रहे सुलह के आसार नहीं आ रहे हैं. अब और उनके बेटे सीएम के बीच पार्टी के अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर पेंच फंस गया है.
अखिलेश ने अपने पिता मुलायम से साफ कह दिया है कि कम से कम वह  विधानसभा चुनाव होने तक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की कुर्सी नहीं छोड़ेंगे.
मंगलवार को हुई बैठक में अखिलेश ने यह बात अपने पिता से कही है. हालांकि सोमवार की शाम पिता-पुत्र  के बीच मचे घमासान के खत्म होने के आसार नजर आए थे जब मुलायम सिंह यादव ने कहा था कि अखिलेश यादव ही यूपी के मुख्यमंत्री रहेंगे.
इससे पहले खबरें आ रही थीं कि मुलायम आजम खान या शिवपाल में से किसी एक मुख्यमंत्री बनाने का ऐलान कर सकते हैं. इतना ही नहीं मुलायम ने कुछ दिन पहले ही था कि समाजवादी पार्टी विधानसभा चुनाव में बिना किसी मुख्यमंत्री के उम्मीदवार के भी जा सकती है. मुलायम का यह बयान अखिलेश के लिए खुली चुनौती बन गया था.

लेकिन 1 जनवरी को पार्टी के अधिवेशन में जब अखिलेश के पक्ष में समर्थन और उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद मुलायम सिंह यादव थोड़ा नरम हो गए लेकिन इस बीच वह पार्टी में खुद के मुखिया होने का दावा ठोकते रहे. 
इतना ही नहीं उन्होंने पार्टी अधिवेशन को असंवैधानिक भी कहा. लेकिन जिस तरह से पार्टी के अंदर अखिलेश के पक्ष में समर्थन बढ़ता गया उससे मुलायम के पास ज्यादा रास्ते नहीं बचे.
खबर है कि मुलायम ने अखिलेश की ज्यादाकर मांगे मान ली हैं लेकिन अब मामला पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की कुर्सी पर फंस गया है.