सैन फ्रांसिस्को. ललित मोदी विवाद पर विपक्ष द्वारा जारी हमले के बीच वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि सरकार कानून के मुताबिक काम करेगी और सुनिश्चित करेगी की सच्चाई की उच्चतम कसौटियों का पालन हो. जेटली ने साफ कहा कि न तो सरकार बैकफुट पर है और न ही सरकार को कोई भी डर है, मामले की जांच पूरी निष्पक्षता के साथ की जाएगी. 

संसद में चर्चा करने को तैयार है सरकार 
यह पूछने पर कि क्या यह विवाद ऐसी छवि पैदा कर रहा है कि सत्ताधारी दल के कुछ नेता और सरकार भ्रष्ट लोगों का पक्ष ले रहे हैं, जेटली ने कहा, यह सवाल ही नहीं पैदा होता. ललित मोदी प्रकरण पर संसद के मानसून सत्र को बाधित करने की विपक्ष की योजना के संबंध में पूछे गए सवाल पर जेटली ने कहा कि संसद का चर्चा के लिए बनी है, कार्रवाही में बाधा डालने के लिए नहीं. विपक्ष जिस भी विषय पर चर्चा चाहता है, हम उस पर चर्चा करने को तैयार हैं. वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि कुछ और सुधारों के लिए कदम संसद के बाहर भी उठाए जा सकते हैं लेकिन संसद का सुचार संचालन अन्य बहुत से कारणों से महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि कई विधायी सुधार है जिनके लिए संसद का चलना जरूरी है.

मोदी विवाद में जेटली का नाम भी आया है सामने
विपक्ष की आलोचनाओं के निशाने पर चल रहे जेटली ने कल कहा था एजेंसियां ललित मोदी प्रकारण की जांच करती रहेंगी. पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी को ब्रिटेन में यात्रा दस्तावेज हासिल कराने में मदद के लिए राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की आलोचना हो रही है. गौरतलब है कि 49 वर्षीय मोदी भारत में कानूनी उलझनों से बचने के लिए ब्रिटेन में रह रहे हैं. मोदी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के मैच-फिक्सिंग और गैरकानूनी सट्टेबाजी के आरोप में घिरने के बीच 2010 में लंदन चले गए थे. राजे के पुत्र दुष्यंत सिंह की भी 2008 में मोदी से अपनी कंपनी में 11.63 करोड़ रुपए का निवेश प्राप्त करने की खबर पर आलोचना हो रही है. कांग्रेस ने जेटली पर पूरे मुद्दे पर स्पष्ट रूप से लीपा-पोती करने और दुष्यंत सिंह तथा मोदी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय की जांच को प्रभावित करने का आरोप लगाया है.

एजेंसी