पटियाला: पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल जे.जे. सिंह अकाली दल में शामिल हो गए हैं. ऐसी सम्भावना है कि वह पटियाला से के खिलाफ चुनाव लड़ सकते है.
 
माना जा रहा है कि को टक्कर देने के लिए पटियाला से कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ पूर्व आर्मी चीफ जनरल जे.जे. सिंह को उतार सकती है.
 
गौरतलब है कि 2002 से अमरिंदर सिंह पटियाला से कभी चुनाव नहीं हारे हैं. लगता है इस बार पटियाला में मुकाबला सेना के दो धुरंधरों के बीच होगा. हालांकि अभी तक अकाली दल की तरफ से इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.
 
जनरल जे.जे. सिंह की उपलब्धियां 
 
जनरल सिंह को मराठा लाइट इन्फेंट्री के कमांडर रहते हुए विशिष्ट सेवा मेडल मिला. 1987 से 1990 तक वह अल्जीरिया में भारत के पहले डिफेंस अटैशे भी रहे.
 
घाटी में 79वीं ब्रिगेड के कमांडर के तौर पर उन्होंने तब फौजी ऑपरेशन्स में हिस्सा लिया था जब वहां उग्रवाद चरम पर था. एक मुठभेड़ में वे घायल भी हुए और अपनी बहादुरी के लिए उन्हें सेना का वॉर वाउंड मेडल मिला. जनवरी 2005 में सेना प्रमुख बनने से पहले उन्होंने कई अलग-अलग अलग ज़िम्मेदारियां निभाईं. 
 
करगिल युद्ध में निभाई अहम भूमिका 
 
उन्हें सबसे ज़्यादा करगिल युद्ध के दौरान फौज के चेहरे के तौर पर याद किया जाता है. तब वह डायरेक्टर जनरल ऑफ़ मिलिट्री ऑपरेशन्स (DGMO)थे. टीवी और अख़बारों में सेना के ऑपरेशन की जानकारी वह ही देते थे. युद्ध में उनकी सेवाओं के लिए जे जे सिंह को अति विशिष्ट सेवा मेडल भी मिला.
 
जनरल सिंह रिटायर होकर अरुणाचल प्रदेश के गवर्नर बने. अप्रैल 2016 में उनको हिन्दुस्तान और फ्रांस के बीच संबंध सुधारने के लिए फ्रांस का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान Legion d Honneur दिया गया.