नई दिल्ली. फर्जी डिग्री मामले में गिरफ्तार किए गए दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर को आज साकेत कोर्ट में पेश किया जाएगा. तोमर की चार दिन की पुलिस रिमांड आज खत्म हो रही है. रिमांड के दौरान दिल्ली पुलिस जांच के लिए तोमर को यूपी के फैजाबाद और बिहार के मुंगेर और भागलुपर लेकर गई थी.

मुंगेर के लॉ कॉलेज से तोमर ने पास की थी कानून की पढ़ाई

फर्जी डिग्री के आरोप में गिरफ्तार दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर ने मुंगेर के विश्वनाथ सिंह विधि कॉलेज से कानून की पढ़ाई की है. संस्थान की नामांकन पंजी के अनुसार, तोमर ने वर्ष 1994 में मुंगेर के विश्वनाथ सिंह विधि कॉलेज में दाखिला लिया था. यह कॉलेज तिलका मांझी विश्वविद्यालय, भागलपुर के अंतर्गत आता है. तोमर को 1998-99 में लॉ की डिग्री मिली थी.  

पूछताछ में शामिल अधिकारियों ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि कॉलेज के रजिस्टरों से पता चलता है कि पूर्व मंत्री ने 1994-95 के सेशन में रॉल नंबर 10136 के तहत इनरॉल कराया था. हालांकि, तोमर को लॉ की डिग्री तीन साल की जगह चार में मिली. तोमर 1996-97 की परीक्षा में शामिल नहीं हुए और वह फेल हो गए. बाद में वह फिर 1998-99 में परीक्षा में बैठे और उन्हें डिग्री मिल गई.

दूसरी ओर अधिकारियों ने कहा कि कॉलेज में इनरॉल होने के दौरान तोमर द्वारा दिया गया स्थानीय पता ‘सही नहीं’ पाया गया. तोमर ने अपना स्थानीय पता अग्रहन गांव में बताया था लेकिन गांव वालों ने इस बात की पुष्टि नहीं की कि उस अवधि में वह गांव में रहे थे. 

तोमर पर फेंके गए अंडे, टमाटर

भागलपुर विश्वविद्यालय कार्यालय पहुंचने पर आम आदमी पार्टी (आप) के नेता तोमर पर छात्रों के समूह ने अंडे और टमाटर फेंके. विरोध कर रहे छात्रों का कहना है कि तोमर ने तिलकामांझी विश्वविद्यालय को बदनाम किया है. छात्रों के समूह ने तोमर के खिलाफ जमकर नारे लगा रहे थे. छात्रों को हटाने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी.