नई दिल्ली: समृति इरानी कि मुश्किलें एकबार फिर बढ गईं हैं, कोर्ट ने उनसे डिग्री विवाद के डाक्यूमेंट्स मांगे हैं. दिल्ली कि पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्वाचन आयोग से स्मृति इरानी के डिग्रियों की जांच करने को कहा है. अदालत ने यह आदेश दिया है कि उनकी डिग्रियों को सत्यापित किया जाए. मामले कि अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को की जाएगी. कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा है

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क्या था मामला

  उनकी डिग्री को फर्जी बताते हुए शिकायतकर्ता अहमर खान ने उसके जांच की मांग की है. शिकायतकर्ता ने उनपर आरोप लगाया है कि लोकसभा चुनाव के दौरान स्मृति इरानी ने इलेक्शन कमीशन के सामने जो एफिडेविट पेश किया था उसमें उन्होने शैक्षिक योग्यता कि जानकारी गलत दी थी.

 अहमर ने न्यायालय से कहा है कि स्मृति इरानी ने चुनाव आयोग को गुमराह किया है. शिकायत में   इस बारे में चिंताएं जाहिर कि गई हैं और कहा गया है कि मांगने पर भी उन्होने कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया. शिकायतकर्ता ने कहा है कि शपथपत्र में ईरानी ने जो भी जानकारी दी है वह अलग- अलग है. एक में उन्होने बताया है कि उन्होने बीकाम किया है जबकि दुसरे में कहा है कि उन्होने बीए किया है.

 कहा गया है कि स्मृति इरानी ने अपनी क्वालिफिकेशन के बारे में जो भी जानकारी दी है उसमें से केवल एक ही सही है.