पटना. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने राजनीतिक पासा फेंकते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से 60 सीटों की मांग की है. मांझी बीजेपी से गठबंधन करके विधानसभा चुनाव में उतरने की तैयारी में है. कुछ दिनों पहले ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी. दोनों के बीच बिहार में चुनाव के लिए गठबंधन को लेकर चर्चा हुई थी. अब मांझी एक-दो दिन के भीतर बीजेपी के कई बड़े नेताओं से मिल सकते हैं.

हालांकि, मांझी को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने भी गठबंधन में शामिल होने का खुला ऑफर दिया है. लेकिन, मांझी का कहना है कि वह उस गठबंधन के सहयोगी बनेंगे जिनमें बिहार के मुख्यमंत्री एवं जदयू नेता नीतीश कुमार शामिल न हों. मांझी पर बीजेपी नेतृत्व वाली एनडीए और लालू प्रसाद दोनों की नजरें हैं क्योंकि वह महादलित समुदाय से आते हैं जो कि राज्य में राजनीतिक रूप से काफी अहमियत रखता है.

वहीं बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने पिछले दिनों मांझी से हाथ मिलाने की संभावनाओं का संकेत देते हुए कहा था कि बातचीत चल रही है और नए सहयोगी दलों के लिए उनकी पार्टी के दरवाजे खुले हुए हैं.

दूसरी ओर बिहार में राजद और जदयू के बीच विलय के विफल प्रयास के बीच गठबंधन को लेकर भी असमंजस बरकरार है. राजद सुप्रीम लालू प्रसाद यादव ने कहा कि बिहार में गठबंधन करने वाली पार्टियों में सबको थोड़ा त्याग करना होगा. दोनों पार्टियों के बीच सीटों को लेकर विवाद है. राजद 142 सीटों पर दावा कर रहा है. लोकसभा चुनाव में राजद 32 क्षेत्रों में पहले और 110 क्षेत्रों में दूसरे स्थान पर था. वहीं जदयू इस दावे पर राजी नहीं है. बिहार में विधानसभा कुल 243 सीटें हैं.