नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांप्रदायिकता पर अपना रुख साफ कर दिया है. मंगलवार के दिन एक मुस्लिम प्रतिनिधमंडल से मुलाकात के दौरान मोदी ने कहा कि वह लोगों को सांप्रदायिक आधार पर बांटने वाली राजनीति में न तो विश्वास करते हैं और न कभी सांप्रदायिक भाषा ही बोलेंगे.

यहां मोदी ने बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक की राजनीति पर चिंता जताई. बता दें कि मोदी सरकार में पिछले एक साल में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बेहिसाब बयानबाजियां हुईं हैं. आरोप यहां तक लगे कि मोदी के इशारे पर माहौल खराब किया जा रहा है. आगरा समेत कई जगहों से धर्मांतरण की खबरें आई, लव जेहाद का मुद्दा उठा. अब पीएम मोदी ने कुछ दिनों यूएनआई को दिए ताजा इंटरव्यू में पहली बार संघ व वीएचपी की ओर इशारा करते हुए चेतावनी दी है कि सरकार अल्पसंख्यकों के खिलाफ बयानबाजी और हिंसा बर्दाश्त नहीं करेगी. 

IANS