लखनऊ. रविवार को सहारनपुर में होने वाली बीएसपी के महारैली से पहले पार्टी ने पार्टी छोड़ने वालों पर सफाई पेश की है. शनिवार शाम को पार्टी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में पार्टी के बागी नेताओं के बारे में मायावती ने कहा कि ऐसे दल-बदलू नेताओं के पार्टी छोड़ने से बसपा के जनाधार पर कोई फर्क नहीं पड़ता है. ऐसे लोग केवल मौका परस्त होते है, इन्हें अगर टिकट दे दिया जाए तो पार्टी में रहते हैं. लेकिन अगर इनकी कारगुजारियों के कारण टिकट काट दिया जाए तो इन्हें बसपा सबसे खराब पार्टी नजर आती है.
 
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प्रेस विज्ञप्ति में मायावती ने कहा है कि पार्टी ने करीब तीन महीने पहले दर्जनभर लोगों के टिकट काटे थे. इनके टिकट कामों की सन्तोषजनक रिपोर्ट न मिलने के कारण काटे गए. इसके बारे में इन्हें बता भी दिया गया था. मायावती ने कहा कि बीएसपी एक राजनैतिक पार्टी के साथ-साथ देश में सामाजिक परिवर्तन का एक मूवमेंट भी है. इसी कारण पार्टी का टिकट बांटने में पार्टी नेतृत्व को मूवमेंट से संबंधित बहुत सारी बातों का ख्याल रखना पड़ता है. इसी क्रम में कई वर्तमान विधायकों व सांसदों का टिकट काटने की मजबूरी हो जाती है.
 
प्रेस कॉंफ्रेस में पार्टी की तरफ से कहा गया है कि बीजेपी चाहे लाख अपने जनाधार का झूठा ढिंढोरा पीट ले, लेकिन यूपी में उसकी हालत पतली हैं. इसी से डरी बीजेपी बसपा के रिजेक्टिड माल (नेताओं) को अपना रही है.