तमिलनाडु. तमिलनाडु विधानसभा में बुधवार को प्रमुख विपक्षी पार्टी डीएमके के 89 विधायकों को निकालने और एक हफ्ते के लिए सस्पेंड करने के साथ ही हंगामा हो गया. इसके बाद विधानसभा को स्थगित कर दिया गया.

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विधायकों को निलंबित तब किया गया जब वे एआईएडीएमके (अन्नाद्रमुक) के एक सदस्य द्वारा उनके नेता एमके स्टालिन के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी का विरोध कर रहे थे.

एआईएडीएमके विधायक गुनासेकरम ने विपक्ष के नेता स्टालिन का नाम लिए बिना उन पर मई विधानसभा चुनाव के दौरान ‘नमाक्कु नामे’ टूर को लेकर निशाना साधा. उस समय स्टालिन सभा में मौजूद नहीं थे.

विधानसभा अध्यक्ष और वित्तीय मंत्री ओ पेन्नरसेल्वम ने गुनासेकरम की​ टिपण्णी को सही ठहराया क्योंकि उन्होंने इसमें किसी का नाम ​नहीं लिया था लेकिन तब तक सभा में आ चुके स्टालिन और अन्य विधायकों ने इस पर हंगामा मचा दिया. वे टिपण्णी को विधानसभा की कार्यवाही से निकालने की मांग करने लगे.

हालांकि , कुछ समय की बहस के बाद मामला ठंडा हो ही गया था कि एक विधायक के फिर से शोर मचाने से सभापति नाराज हो. उन्होंने सभा की कार्यवाही में बाधा उत्पन्न करने का आरोप लगाते हुए विधायकों को निकालने का फैसला लिया. उन्होंने इसके लिए प्रस्ताव पारित किया और सभा ने उसे स्वीकार कर लिया. एमके स्टालिन को मार्शलों द्वारा उठाकर लॉबी में लाया गया और इसके बाद हंगामा और बढ़ गया.

डीएमके प्रवक्ता मनु राज सुंदरम ने कहा, “विपक्ष के सदस्यों को उचित सम्मान दिया जाना चाहिए, उन्हें जनता ने चुनकर अपना प्रतिनिधि बनाया है.