पटना. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी के विधानसभा क्षेत्र इमामगंज में नक्सलियों ने उनके खिलाफ पोस्टर लगाकर उन्हें सामंती पूंजीवादी चरित्र का आदमी बताया है और दलितों, महादलितों और अल्पसंख्यकों पर लगातार देश भर में हो रहे हमले पर उनकी चुप्पी पर भी सवाल उठाया है.
 
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मांझी ने पिछले साल गया की इमामगंज और जहानाबाद की मखदुमपुर सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ा था जिसमें मखदुमपुर वो हार गए थे. गया की इमामगंज सीट पर उन्होंने पुरानी विधानसभा के अध्यक्ष और जेडीयू नेता उदय नारायण चौधरी को हराया था. उदय नारायण चौधरी पर नक्सलियों से संबंध रखने के आरोप लगे थे.
 
 
मांझी की पार्टी हिन्दुस्तान आवामी मोर्चा बीजेपी की अगुवाई वाले एनडीए में शामिल है इसलिए दलितों पर गुजरात समेत दूसरे बीजेपी शासित राज्यों में उनकी चुप्पी पर दलित कार्यकर्ता सवाल उठाते रहे हैं. इमामगंज में माओवादियों ने जो पोस्टर चिपकाया है उसमें मांझी के वर्ग चरित्र को सामंती पूंजीवादी करार दिया है.
 
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पोस्टर में आरोप लगाया गया है कि पूरे देश में दलितों, महादलितों और अल्पसंख्यकों पर बीजेपी, आरएसएस, विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल और शिवसेना जैसे दक्षिणपंथी संगठनों के कार्यकर्ता हमले कर रहे हैं लेकिन मांझी इसका विरोध नहीं कर रहे हैं जो उनकी महादलित नैतिकता पर सवाल उठाता है.