पटना. बिहार में प्रमोशन से आरक्षण हटाने और दलितों की छात्रवृत्ति 15000 रुपए फिक्स करने के विरोध में दलितों के प्रदर्शन पर पुलिस ने जमकर लाठियां बरसाई. जाहिर तौर पर ये लाठीचार्ज एक नए बहस को जन्म देगी क्योंकि दूसरे राज्यों में दलित अत्याचार पर सीएम नीतीश कुमार ने बीजेपी को मन भर कोसा था.
 
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दलित छात्रों ने बुधवार को विधानसभा का घेराव किया था. इस दौरान छात्रों की पुलिस से भिड़ंत हो गई और पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू हो गई. इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा. लाठीचार्ज में करीब डेढ दर्जन छात्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं जिन्हें पीएमसीएच में भर्ती कराया गया है. 
 
इंडियन स्टूडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले छात्रों का समूह जेपी गोलंबर पहुंचा था जहां पुलिस ने मार्च को रोक दिया. इसके बाद ही छात्रों के साथ पुलिस की झड़प हो गई जिसका नतीजा लाठीचार्ज के रूप में सामने आया.
 
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प्रदर्शनकारी प्रोमोशन में आरक्षण खत्म करने के साथ-साथ छात्रवृत्ति फिक्स करने का विरोध कर रहे थे. पहले दलितों को कोर्स-फी के बराबर छात्रवृत्ति मिलती थी लेकिन नए नियम के मुताबिक फीस चाहे जो भी, छात्रवृत्ति के तौर पर मात्र 15 हजार रुपए तक ही मिलेंगे.