नयी दिल्ली. फेसबुक पर संसद की लाइव स्ट्रीमिंग करने के मामले की जांच कर रही 9 सदस्यों वाली टीम  को लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने जांच के लिए दो और हफ़्तों का समय दिया है. महाजन ने  इस दौरान मान को संसद की कार्यवाही में भाग ना लेने की सलाह दी है.

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लोकसभा अध्यक्ष ने बुधवार को सदन को सूचित किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए समिति के अध्यक्ष किरीट सोमैया ने जांच के लिए कुछ और समय मांगा है. इसके बाद उन्होंने मामले की गंभीरता और किरीट सोमैया की दलीलों के आधार पर उनकी समिति का कार्यकाल दो सप्ताह के लिए बढ़ा दिया. 

बता दें कि संसद की वीडियो फेसबुक पर पोस्ट करने के मामले में  25 जुलाई को बीजेपी सांसद सोमैया की अध्यक्षता में एक जांच समिति का गठन किया गया था. 

जारी रखूंगा पोल खोल अभियान 

वहीं संसद की सुरक्षा व्यवस्था का वीडियो फेसबुक पर पोस्ट करने और शराब पीकर संसद आने के मामले में आलोचनाओं से घिरे आप सांसद भगवंत मान ने कहा है कि मैं अपना पोल खोल अभियान जारी रखूंगा. उन्होंने आगे कहा मैं हर तरह की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हूं.

उन्होंने बताया मैं हर तरह का स्पष्टीकरण दे चुका हूं. अब चाहे मुझे जितना भी बदनाम किया जाए, मुझ पर झूठे मुक़दमे दर्ज कराये जाएं या मुझे जेल में डाल दिया जाए लेकिन अपना पोल खोल अभियान मैं जारी रखूंगा.

मान ने आगे कहा कि पंजाब के विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची जल्द जारी हो जाएगी। सूची जारी किये जाने से पहले पूरी पड़ताल की जाएगी और आम आदमी पार्टी का कोई भी उम्मीदवार आपराधिक पृष्ठभूमि से नहीं होगा. 

मान ने साफ किया कि चुनावों में खड़े होने वाले उम्मीदवार पार्टी के वालंटियर ही होंगे और उनके लिए मंत्री बनने या ना बनने से ज्यादा जरुरी जनता के बीच रहकर काम करना होगा. इतना ही नहीं भगवंत मान ने अपने आलोचकों को कड़ा जवाब देते हुए कहा कि नशे का कारोबार करने वाली शक्तियां उनके खिलाफ इकट्ठा हो गयी हैं और उन्हें बदनाम करने में जुटी हैं.

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तीन सांसदों ने की थी भगवंत मान को नशा मुक्ति केंद्र भेजने की मांग

इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को तीन सांसदों ने भगवंत मान को नशा मुक्ति केंद्र भेजने के लिए पत्र लिखा था. यह मांग करने वालों में आम आदमी पार्टी से निलंबित हरिंदर खालसा, भाजपा के सांसद महेश गिरी और चंदू माजरा शामिल थे. इस पर पलटवार करते हुए आप के प्रवक्ता आशुतोष ने कहा था कि नशा मुक्ति केंद्र भेजे जाने की असल जरुरत प्रधानमंत्री को है.