नई दिल्ली. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित पर दिल्ली पुलिस की एंटी करप्शन ब्यूरो में दिल्ली जल बोर्ड के 400 करोड़ के टैंकर घोटाले में एफआईआर दर्ज की गई है. शीला दीक्षित पर घोटाला करने का आरोप है तो केजरीवाल पर शीला के खिलाफ FIR की सिफारिश को दबाने का. 
 
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दिल्ली सरकार ने शीला दीक्षित पर तो बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता ने केजरीवाल पर केस किया है. दर्ज मुकदमों में जहां शीला दीक्षित पर 400 करोड़ के टैंकर घोटाले का आरोप है तो केजरीवाल पर अपनी ही सरकार की शीला दीक्षित के खिलाफ एफआईआर की सिफारिश वाली जांच रिपोर्ट को करीब 10-11 महीने से दबाए रखने का आरोप है.
 
केजरीवाल और शीला दीक्षित से पूछताछ करेगी ACB: मुकेश मीणा
 
एसीबी चीफ मुकेश मीणा ने बताया कि लेफ्टिनेंट गवर्नर के ऑफिस से टैंकर घोटाले पर कार्रवाई के लिए दो शिकायतें आई हैं जिनमें एक शिकायत दिल्ली सरकार की है जबकि दूसरी बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता की.
 
दोनों शिकायतों पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. मीणा ने बताया कि भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत दर्ज मामलों की जांच के दौरान मुख्यमंत्री केजरीवाल और पूर्व सीएम शीला दीक्षित से पूछताछ होगी.
 
शीला दीक्षित के कार्यकाल में 2012 में दिल्ली जल बोर्ड ने स्टेनलेस स्टील के 385 टैंकर खरीदे थे. इस टैंकर की खरीद में घोटाले का आरोप है. केजरीवाल सरकार ने इसकी जांच कराई थी और उनके कानून मंत्री व दिल्ली जल बोर्ड के चेयरमैन कपिल मिश्रा ने पिछले साल अगस्त में ही रिपोर्ट में शीला दीक्षित समेत बोर्ड के उस समय के सदस्यों व अधिकारियों पर एफआईआर की सिफारिश की थी.
 
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बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता ने कपिल मिश्रा की सिफारिश को इतने दिन से दबाए रखने को लेकर अरविंद केजरीवाल पर एफआईआर की मांग करते हुए एलजी नजीब जंग को शिकायत सौंपी थी जिसे एलजी ने एसीबी को भेजा था. एसीबी ने इस शिकायत पर भी एफआईआर दर्ज कर ली है.