भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के एक निजी महाविद्यालय को लाभ पहुंचाने के मामले में आर्थिक अपराध ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) में बयान दर्ज कराने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाया. 
 
इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर
 
दिग्विजय सिंह ने लगभग तीन घंटे तक ईओडब्ल्यू दफ्तर में रहे. इस दौरान उनसे लगभग 25 प्रश्न किए गए. बयान दर्ज कराने के बाद उन्होंने कहा कि उनके 10 साल के शासनकाल में बीजेपी को तमाम कोशिशों के बाद सिर्फ दो मामले मिल सके. एक विधानसभा में 18 नियुक्तियों का, जिसमें किसी ने कोई शिकायत नहीं की है.
 
दिग्विजय सिंह पर अपने मुख्यमंत्रित्व काल में आरकेडीएफ कॉलेज को लाभ पहुंचाने का आरोप है. इस कॉलेज पर लगने वाले समझौता शुल्क (जुर्माना) को 24 लाख से कम कर ढाई लाख किया गया था. इस प्रकरण में सिंह के अलावा तत्कालीन तकनीकी शिक्षा मंत्री राजा पटैरिया पर भी आरोप है. दोनों के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है.
 
Stay Connected with InKhabar | Android App | Facebook | Twitter