पटना. सिवान के पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड में बिहार पुलिस ने आज पांच शूटरों को गिरफ्तार कर लिया और ये दावा किया है कि आरजेडी नेता शहाबुद्दीन के करीबी माने जाने वाले लड्डन मियां ने मात्र 15 हजार रुपए की सुपारी देकर राजदेव रंजन की हत्या करवा दी. बहुत कम उम्र के इन शूटर्स का पहले का कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड भी नहीं है.
 
राजदेव रंजन हत्याकांड की जांच हालांकि सीबीआई को सौंपने का फैसला राज्य सरकार पहले ही कर चुकी है और इसका नोटिफिकेशन भी निकल चुका है लेकिन बिहार पुलिस अभी भी अपनी जांच पर आगे बढ़ रही है, आज के खुलासे से ये साफ हो गया है. 
 
पुलिस के खुलासे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठा है कि क्या नीतीश कुमार के राज्य में अब लोगों की जान इतनी सस्ती और पेशेवर हत्यारे इतने फुटकर हैं कि वो महज तीन हजार रुपए मिलने पर ही किसी की हत्या कर देंगे. या फिर पुलिस के दावे में और थ्योरी में कुछ लोचा है.
 
सुपारी देने वाले लड्डन मियां की तलाश जारी, हत्या का मकसद अब भी साफ नहीं
 
पुलिस ने सिवान के ही अलग-अलग हिस्सों से रोहित कुमार, विजय कुमार, राजेश कुमार, सोनू गुप्ता और रिशु जायसवाल को गिरफ्तार किया है. इनके पास से लोकल पिस्तौल और गोलियां बरामद हुई हैं. पुलिस को इन सबसे इतना पता चला है कि लड्डन मियां नाम के शख्स ने इन्हें राजदेव को मारने की सुपारी 15 हजार में दी थी. ये पैसा रोहित को मिला था जिसने बाकी के चार लड़कों को अपने साथ किया और वारदात को अंजाम दिया.
 
पुलिस अब लड्डन मियां को खोज रही है जिसके बारे में ये बहुत आम जानकारी है कि वो आरजेडी नेता शहाबुद्दीन का करीबी है. पुलिस के दावे का लब्बोलुआब फिलहाल इतना है कि उसने हत्यारों को पकड़ लिया है लेकिन लड्डन मियां जब गिरफ्त में आएगा तभी ये पता चलेगा कि उसने ये हत्या क्यों करवाई और किसके कहने पर करवाई.
 
चूंकि अभी हत्या के मकसद का पता नहीं चला है इसलिए शहाबुद्दीन के हाथ पर पत्रकारों के सवाल के जवाब में पुलिस ने कहा कि अभी तक उसके पास इस हत्या में शहाबुद्दीन का हाथ होने का कोई साक्ष्य नहीं है.