पटना. पहले डिप्टी सीएम पद की कुर्बानी और अब राज्यसभा के लिए भी ना. आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव और पूर्व सीएम राबड़ी देवी की सबसे बड़ी बेटी मीसा भारती नाराज़ हो गई हैं. नाराज़गी भी ऐसी कि 22 मई को अपने बर्थडे पर मीसा दिल्ली में रहीं और अगले दिन पटना गईं तो कुछ घंटे में ही लौट आईं. 
 
विधानसभा चुनाव में उन्होंने दोनों भाइयों तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव के साथ-साथ पार्टी के प्रचार में बहुत मेहनत की थी. चुनाव नतीजे आने के बाद मीसा खुद को गठबंधन सरकार में डिप्टी सीएम बनते देखना चाहती थीं लेकिन लालू-राबड़ी परिवार में आम राय नहीं बनीं और मीसा नाराज़ होकर दिल्ली चली गई थीं. 
 
फिर सारे बच्चों में लालू की सबसे दुलारी मीसा बहुत मान-मनौव्वल और इस आश्वासन के बाद शांत हुईं कि उन्हें केंद्र की राजनीति में रखा जाएगा यानी राज्यसभा भेजा जाएगा. इसके बाद ही वो अपने भाइयों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुई थीं. 
 
पूर्व सीएम होने के नाते राबड़ी को राज्यसभा जाने पर मिलेगा बड़ा बंगला
 
लेकिन मीसा का संसद पहुंचने का सपना एक बार फिर टूटता दिख रहा है. चर्चा है कि लालू की पार्टी से राबड़ी देवी और राम जेठमलानी राज्यसभा जाएंगे. राबड़ी को राज्यसभा भेजना लालू की प्रैक्टिकल जरूरत है. एक तो पत्नी पर अटूट विश्वास और दूसरा पूर्व सीएम होने के नाते राबड़ी को राज्यसभा जाने पर दिल्ली में मिलने वाला बड़ा बंगला. दिल्ली में लालू के पास इस समय कोई बंगला नहीं है जो उन्हें मीसा के राज्यसभा जाने पर नहीं मिल सकता लेकिन राबड़ी के जाने पर मिल सकता है.
 
चर्चा ये भी है कि जब राबड़ी राज्यसभा जाएंगी तो विधान परिषद में उनका पद खाली होगा जिसे मीसा को दिया जा सकता है. मीसा को विधान परिषद में लाने के बाद लालू उन्हें नीतीश मंत्रिमंडल में शामिल कराने की भी कोशिश कर सकते हैं लेकिन मीसा को शायह यह पेशकश मंजूर नहीं हो क्योंकि उनके छोटे भाई तेजस्वी डिप्टी सीएम हैं और छोटे भाई के नीचे मीसा काम करेंगी, इसके आसार बिल्कुल नहीं हैं.
 
मीसा की नाराज़गी का आलम इस समय ये है कि 22 मई को उनका जन्मदिन था लेकिन वो दिल्ली में ही रहीं. बर्थडे के अगले दिन 23 मई को वो पटना गईं लेकिन कुछ घंटे रुकने के बाद ही दोपहर की फ्लाइट से दिल्ली लौट गईं.