नई दिल्ली. असम और केरल में सत्ता गंवाने के बाद कांग्रेस के अंदर ही निशानेबाजी चल रही है. कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह के पार्टी को सर्जरी की जरूरत बताने वाले बयान पर वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यव्रत चतुर्वेदी ने दिग्विजय को ही आड़े हाथ लेते हुए कहा कि ऐसी बातें करने वाले लोग खुद की गिरेबां भी झांक लें.
 
दिग्विजय के सर्जरी पर सत्यव्रत बोले, सर्जरी करने वाले अपने गिरेबां में झांकें. उन्होंने कहा कि अब कॉस्मेटिक सर्जरी से काम नहीं चलेगा बल्कि पार्टी को कार्डिएक सर्जरी की जरूरत है. सत्यव्रत के बयान का सीधा मतलब ये है कि जो लोग पार्टी की दुर्गति के कारण हैं वो ही पार्टी की सर्जरी की बात कर रहे हैं.
 
दिग्विजय सिंह ने कहा था कि पार्टी को सर्जरी की जरूरत है. उनके अलावा शशि थरूर ने भी पार्टी के प्रदर्शन पर मंथन करने की बात की थी. पूर्व मंत्री किशोर चंद्र देव ने तो यहां तक कह दिया है कि कुछ 15-20 नेता हैं जो एआईसीसी, पीसीसी और केंद्र में सरकार बनने पर मंत्री बनने के खेल में लगे रहते हैं, इन सबको कुछ साल की अनिवार्य छुट्टी पर भेज देना चाहिए.
 
पार्टी के नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने पार्टी नेतृत्व के सलाहकारों पर निशाना साधा है और कहा कि हमेशा सलाहकार की भूमिका में रहने वाले कुछ चेहरों को वहां से हटा देना चाहिए और राज्यों से नए चेहरे को सामने लाना चाहिए. सिंघवी ने कांग्रेस वर्किंग कमिटी और एआईसीसी को नए सिरे से बनाने की जरूरत बताई है.