नई दिल्ली. बांग्लादेशी घुसपैठियों को राष्ट्रीय मुद्दा बनाने वाली बीजेपी असम में सरकार बनने से गदगद है और अब उसकी नज़र राजनीति के पावरहाउस उत्तर प्रदेश पर टिकी है. यूपी में 2017 में चुनाव होने हैं लेकिन इसी महीने की 26 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूपी में पार्टी के प्रचार का अनौपचारिक बिगुल फूंक देंगे.
 
प्रधानमंत्री मोदी केंद्र में अपनी सरकार के दो साल पूरे होने पर सहारनपुर में रैली करेंगें. जाहिर है कि दो साल की सालगिरह पर जब वो सहारनपुर में बोलेंगे तो एक तरफ अपनी सरकार के काम गिनाएंगे और दूसरी तरफ यूपी में अखिलेश यादव की सरकार और मायावती की पुरानी सरकार पर हमले बोलेंगे.
 
 
मई में मोदी की रैली के बाद जून में बीजेपी अपनी राष्ट्रीय कार्यसमिति की तीन दिन की बैठक इलाहाबाद में करने की तैयारी कर रही है. इलाहाबाद वही शहर है जहां आनंद भवन है जो कांग्रेस के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का घर हुआ करता था. सूत्रों के मुताबिक 11, 12 और 13 जून को बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक इलाहाबाद में होगी.
 
राष्ट्रीय कार्यसमिति की तीन दिन चलने वाली बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत पार्टी के तमाम दिग्गज तीन दिन इलाहाबाद में रहेंगे. पार्टी कार्यकर्ताओं में विधानसभा चुनाव के लिए जोश भरने का इससे बेहतर और कोई आयोजन नहीं हो सकता था.
 
2014 के आम चुनाव में यूपी की 80 में 71 सीट जीतने वाली बीजेपी को उसके बाद राज्य में ना तो उप-चुनावों में और ना ही पंचायत चुनावों में कोई बड़ी सफलता हाथ लगी है. लोकसभा में 2 सीट उसकी सहयोगी पार्टी ने जीती थी. 2017 में 7 राज्यों के चुनाव होने हैं जिसमें यूपी सबसे महत्वपूर्ण है. बीजेपी यहां 14 साल से सत्ता से दूर है.
 
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