कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि हालांकि बीजेपी से उनकी पार्टी के वैचारिक मतभेद हैं, लेकिन वह नरेंद्र मोदी की सरकार को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक पारित करने में सहयोग देगी. ममता ने राज्य विधानसभा चुनाव में जीत हासिल होने के बाद कहा, “हमारा बीजेपी के साथ वैचारिक मतभेद है, लेकिन लोगों को लाभ पहुंचाने वाले मुद्दों पर हम सहयोग कर सकते हैं.”
 
ममता से संसद में जीएसटी विधेयक पारित कराने में पार्टी की भूमिका के बारे में सवाल किए गए थे. तृणमूल ने जीएसटी विधेयक का समर्थन किया है और यह 2014 के लोकसभा चुनाव और 2011 के विधानसभा चुनाव में पार्टी के घोषणा-पत्र में भी शामिल था. 
 
ममता ने बीजेपी की विभाजनकारी ‘हिंदू-मुस्लिम राजनीति’ पर उसकी आलोचना भी की. राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के साथ अपनी पार्टी के संबंध पर उन्होंने कहा, “आपको यह सवाल उनसे करना चाहिए, उन्होंने हमसे मुकाबले के लिए वामपंथियों से हाथ मिलाया.
 
तृणमूल और कांग्रेस ने 2011 का विधानसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ा था, जिसमें वाम मोर्चे की हार हुई थी. भावी तीसरे मोर्चे में अपनी भूमिका के बारे में पूछे जाने पर ममता ने कोई सीधा जवाब देने से बचते हुए केवल इतना कहा, “आगे आगे देखिए क्या होता है.” ममता ने चुनाव के नतीजों को ‘आम लोगों का जादू…मा, माटी, मानुष का जादू करार दिया.’