लखनऊ. उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का भविष्य सुधारने के प्रशांत किशोर प्लान को आज उस समय बड़ा झटका लगा जब मनमोहन सिंह सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके कांग्रेस नेता बेनी प्रसाद वर्मा ने मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव की मौजूदगी में समाजवादी पार्टी में वापसी कर दी.
 
बेनी प्रसाद वर्मा यूपी में अति पिछड़ों और खास तौर पर कुर्मी जाति के वोटरों के बड़े नेता के तौर पर जाने जाते हैं. बेनी समाजवादी पार्टी के संस्थापक नेताओं में से रहे हैं और जब वो कांग्रेस में चले गए थे तो उन्होंने मुलायम सिंह को काफी भला-बुरा कहा था.
 
बेनी के वापसी समारोह में मुलायम और अखिलेश के अलावा आज़म खान और शिवपाल सिंह यादव भी मौजूद थे. बेनी प्रसाद वर्मा पांच बार लोकसभा के सदस्य रह चुके हैं. सपा में वापसी के बाद बेनी ने कहा कि वो अखिलेश यादव को 2017 में दोबारा राज्य का मुख्यमंत्री बनाने के लिए काम करेंगे.
 
बेनी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी को सम्मान देने के लिए शुक्रिया कहा लेकिन ये भी कहा कि पिछले दो साल से वो पार्टी में बिना काम के घुटन महसूस कर रहे हैं.
 
बेनी के सपा में जाने पर बीजेपी के प्रवक्ता चंद्र मोहन ने चुटकी ली है कि प्रशांत किशोर के फॉर्मूला से कांग्रेसी ही परेशान हो गए हैं और बेनी की सपा में वापसी से ये भी साबित हो गया है कि अखिलेश सरकार विकास के बदले जाति के आधार पर चुनावी तैयारी कर रही है.