देहरादून. उत्तराखंड के पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने राज्य के अपदस्थ मुख्यमंत्री हरीश रावत के ‘भ्रष्टाचार’ के खिलाफ लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया है. बता दें कि रावत को कांग्रेस के आठ अन्य बागी विधायकों के साथ मंगलवार को शक्ति परीक्षण के दौरान मत देने से रोक दिया गया था. 
 
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर विधानसभा में हुए शक्ति परीक्षण के बाद हरक सिंह ने कहा, “मैं भ्रष्टाचार में लिप्त रहे हरीश रावत के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखूंगा.” रावत ने कहा कि वह अन्य बागियों के साथ मिलकर भविष्य की कार्रवाई पर फैसला लेंगे. हरक सिंह रावत ने कहा कि उन्हें अपने फैसले को लेकर कोई पछतावा नहीं है.
 
उन्होंने कहा, “हमने जो भी फैसला लिया, वह उत्तराखंड के पक्ष में था क्योंकि रावत सरकार राज्य को लूट रही है. इसलिए मुझे अपने फैसले पर पछतावा नहीं है.” 
 
हरक सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और सात अन्य के साथ मिलकर हरीश रावत के खिलाफ बगावत की थी. वह कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार भी थे, लेकिन पार्टी हाईकमान ने इस पद के लिए मुख्यमंत्री हरीश रावत को चुना था.