लखनऊ. उत्तराखंड में फ्लोर टेस्ट के दौरान बहुजन समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस को सपोर्ट किया है. यूपी विधानसभा चुनाव 2017 को देखा जाए तो बीएसपी सुप्रीमो मायावती का यह एक माइंड गेम माना जा रहा है. और यह निर्णय पार्टी के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है.
 
रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तराखंड की राजनीति में पार्टी के इस कदम के बाद साफ हो गया है कि बीएसपी यूपी में बीजेपी को रोकना चाहती है और कांग्रेस के साथ मिलकर अपने मुस्लिम वोट बांटना नहीं चाहती.
 
मंगलवार को बीएसपी ने यह घोषणा की थी कि उनके विधायक शरवत करीम अंसारी और हरीदास फ्लोर उत्तराखंड के फ्लोर टेस्ट में कांग्रेस को सपोर्ट करेंगे.
 
जानकारी के अनुसार 2017 के चुनाव में मायावती अपने मुस्लिम वोट बैंक को सपा, कांग्रेस में नहीं बांटना चाहती है. बता दें कि मुस्लिम और दलित वोट बैंक ही वहीं जरिया था जिसकी मदद से बीएपी 2007 के चुनाव में 206 सीटें जीत पाई थी.
 
बीजेपी का पटलवार
बीएसपी के कांग्रेस को सपोर्ट करने के लेकर बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस को सपोर्ट करने से बीजेपी को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है क्योंकि कांग्रेस की स्थिती ऐसी नहीं है कि वह यूपी में बीएसपी, सपा और बीजेपी का सामना कर सके.
 
बीजेपी नेता ने कहा कि जिन विधायकों ने कांग्रेस का सपोर्ट किया है उनमें से एक मुस्लिम है और अगर वह बीजेपी का साथ देते तो उनके मुस्लिम वोट बैंक पर इसका बुरा असर होता.