पटना. बिहार के सीएम नीतीश कुमार को आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव भले ‘छोटा भाई’ कहकर बुलाते हों लेकिन इस लिहाज से रिश्ते में चाचा-भतीजा नीतीश और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को शायद एक-दूसरे का चेहरा पसंद नहीं है, ये सवाल इस समय राजनीतिक हलकों में गर्म बहस का मसला है.
 
अखबारी विज्ञापनों पर पैनी नज़र रखने वालों को ये शिद्दत से महसूस हो रहा है कि चाचा नीतीश और भतीजे तेजस्वी सरकारी विज्ञापनों में एक-दूसरे के चेहरे को पसंद नहीं कर रहे हैं. ये सवाल मार्च में भी उठा था जब नीतीश के एक विज्ञापन में तेजस्वी का फोटो नहीं था तो उसके चार दिन बाद तेजस्वी के एक विज्ञापन में नीतीश का फोटो नहीं था.
 
सरकारी विज्ञापनों में साथ में नहीं छप रही नीतीश और तेजस्वी की तस्वीर
 
दरअसल, 26 मार्च को स्वास्थ्य विभाग का एक विज्ञापन छपा था जिसमें इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में कुछ उद्घाटन के कार्यक्रम का निमंत्रण था. इस विज्ञापन में सिर्फ नीतीश कुमार का फोटो था जबकि नीचे तेजस्वी के बड़े भाई तेज प्रताप यादव का नाम था जो राज्य के स्वास्थ्य मंत्री होने के नाते इस संस्थान के अध्यक्ष हैं.
 
इसके बाद 30 मार्च को पथ निर्माण विभाग ने ठेकेदारों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम, एंबुलेंस के जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम के उद्घाटन का विज्ञापन दिया जिसमें डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव का फोटो था लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ना तो नाम था और ना ही फोटो.
 
क्या ये तेजस्वी यादव को कद बढ़ाने के लिए दी गई छूट है ?
 
इस प्रकरण के बाद ये मामला एक तरह से शांत होता दिख रहा था लेकिन आज फिर बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के एक विज्ञापन ने उसे सुलगा दिया है. एक स्टेट हाइवे के उद्घाटन कार्यक्रम के इस विज्ञापन में सिर्फ तेजस्वी का फोटो है और उसके ऊपर नीतीश की तस्वीर या नाम के बगैर बस इतना लिखा हुआ है- “माननीय मुख्यमंत्री जी के दूरस्थ जिले से पटना अधिकतम 5 घंटे में पहुंचने के सपने को साकार करने की दिशा में बढ़ता पथ निर्माण विभाग का एक और कदम.”
 
इस तरह से सरकारी विज्ञापनों में सीएम और डिप्टी सीएम के साथ नहीं दिखने के सिसायी मायने निकाले जा रहे हैं. एक तरफ ये कहने वाले हैं कि दोनों के बीच यानी दोनों दलों के बीच सब कुछ ठीक नहीं है और शीतयुद्ध चल रहा है. 
 
दूसरी तरफ ये मानने वाले भी बहुत हैं कि नीतीश 2019 के आम चुनाव के मद्देनजर दिल्ली की राजनीति पर ध्यान दे रहे हैं इसलिए राज्य में गठबंधन का एक बड़ा नेता तब तक स्थापित हो जाए इस मकसद से तेजस्वी को कद बढ़ाने और इमेज मैनेजमेंट की छूट दी गई है.