नई दिल्ली. अलगाववादी नेता मसर्रत आलम को रिहाई पर घिरी मुफ्ति सरकार के खिलाफ केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने मोर्चा खोल दिया है. साध्वी ने मसरत की रिहाई की निंदा करते हुए उसकी गिरफ्तारी की मांग की. इसके साथ ही उन्होंने जम्मू कश्मीर में पीडीपी सरकार से समर्थन वापस लेने की भी मांग की. साध्वी ने सारी बातें बहराइच में भक्ति वेदांत सम्मेलन में शामिल होने से पहले पत्रकारो से बात करते हुए कही.

साध्वी निरंजन ज्योति स्वामी परमानंद शिक्षा निकेतन के वार्षिकोत्सव में दो दिन के बहराइच दौरे पर हैं.साध्वी ने आगे कहा, ‘अलगाववादी नेता की रिहाई के मामले में जम्मू कश्मीर सरकार को चेतावनी दे दी गई है. आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पूरा देश एकजुट है.’ केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कश्मीर के अलगाववादी नेता मसरत आलम की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की. जम्मू कश्मीर के नए कांग्रेस अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर का पीडीपी-बीजेपी सरकार पर हमला, कहा – 10 दिन में ही सामने आ गए मतभेद.
 
जम्मू-कश्मीर की मुफ्ती सरकार पर बीजेपी और केंद्र की सख्ती का असर दिखने लगा है. सरकारी इमारतों और गाड़ियों पर तिरंगे के साथ राज्य का झंडा लगाने का आदेश वापस ले लिया गया है.जम्मू कश्मीर की मुफ्ती मोहम्मद सईद की सरकार ने सरकारी ऑफिस और वाहनों से तिरंगे के साथ ही साथ राज्य के झंडे को लगाने के फैसले को वापस ले लिया है. मुफ्ती सरकार ने ये फैसला जम्मू कश्मीर में अपने सहयोगी दल बीजेपी के दबाव में लिया है.
 
एक दिन पहले ही जम्मू कश्मीर सरकार में कमिश्नर सेक्रेटरी एम ए बुखारी ने कहा था कि जम्मू कश्मीर के संविधान और दिल्ली एग्रीमेंट 1952 के तहत जम्मू कश्मीर राज्य के झंडे को भी वही दर्जा प्राप्त है जो तिरंगे को प्राप्त है. इसलिए सरकारी ऑफिसों और वाहनों पर तिरंगे के साथ ही साथ राज्य का  झंडा भी लगाया जाए. मुफ्ती सरकार के इस फैसले का बीजेपी ने जहां कड़ा विरोध किया था, वहीं कांग्रेस ने इस मसले पर प्रधानमंत्री से जवाब मांगा था.