कोलकाता. वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे में भ्रष्टाचार के आरोपों का खंडन करते हुए कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह अपनी दो साल की नाकामी से जनता का ध्यान बंटाने के लिए इस मामले का इस्तेमाल कर रही है. पायलट ने यह आरोप भी लगाया कि बीजेपी और पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस के बीच गुपचुप समझौता है. 
 
पायलट ने कहा, “ये आरोप निराधार हैं जो जनता का ध्यान बंटाने की मंशा से लगाए गए हैं. केंद्र में दो साल से सत्ता संभाल रही बीजेपी हर मामले में बुरी तरह नाकाम रही है.” पायलट ने कहा कि केंद्र की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदा रद्द कर दिया था. तत्कालीन सरकार ने साथ ही केंद्रीय जांच ब्यूरो की जांच का आदेश दे दिया था और कंपनी को काली सूची में डाल दिया था. लेकिन मोदी सरकार ने ‘मेक इन इंडिया’ में उसे भी आमंत्रित कर लिया है और उलटे कांग्रेस पर आरोप मढ़ रही है.
 
पायलट ने यह भी कहा कि बीजेपी और पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रस ने गुपचुप समझौता कर लिया है. उन्होंने कहा, “उनके बीच आप जो जुबानी लड़ाई देख रहे हैं, वह और कुछ नहीं, सिर्फ छलावा है. बीजेपी पैसे खर्च करके तृणमूल की मदद कर रही है जो राज्य में तानाशाही कायम करने की कोशिश कर रही है.” 
 
पायलट ने कहा, “शारदा घोटाला मामले में कुछ समझौता है, जिसमें तृणमूल के कुछ नेता पहले ही जेल जा चुके हैं और कुछ और जा सकते हैं. यह समझौता केवल बंगाल में ही नहीं है, बल्कि संसद में भी है.” पायलट ने कहा कि कांग्रेस-वाममोर्चा गठबंधन राज्य में सत्ता में आएगा.