महाराष्ट्र. एनडीए के प्रमुख घटक दलों में से एक शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के जरिए एक बार फिर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा है. सामना ने अपने संपादकीय में लिखा है कि प्रधानमंत्री मोदी वैश्विक शांति की ज्योति लेकर दुनिया का भ्रमण कर रहे हैं. हर देश के राष्ट्राध्यक्ष की प्रधानमंत्री से हाथ मिलाते हुए और गले मिलते हुए तस्वीरें प्रकाशित हो रही है, लेकिन उनका अपना गुजरात जल रहा है.
 
इसके अलावा ‘सामना’ में पार्टी ने मेहसाणा में मोबाइल सेवा बंद करने को पुलिस की तानाशाही बताया. शिवसेना ने कहा कि हिंदुस्तानी जनता के मन में क्या सुलग रहा है, इसकी तस्वीर गुजरात में दिखाई दी. इसे दुर्भाग्यपूर्ण ही कहना पड़ेगा.
 
सामना में BJP पर हमला
सामना ने सवाल उठाया कि बीजेपी हाईकमान कश्मीर में सरकार बनाने के लिए कश्मीर में पाकिस्तान समर्थित लोगों से बात करती है, लेकिन गुजरात में अपने ही लोगों से बात करने में अहंकार आड़े आता है. ये अच्छे सत्ताधारी की निशानी नहीं है. देश की हालत देवनार डंपिंग ग्राउंड जैसी हो गई है, ऊपर से आग भले ही बुझी हुई दिखाई दे, लेकिन कचरे के तले वो धधक रही है.
 
शिवसेना का आरोप
इसके अलावा सामना ने यह भी लिखा है कि भारत माता की जय नहीं बोलने वालों की गर्दन उड़ा देने की बात करने वाली बीजेपी कश्मीर में भारत माता की जय नहीं बोलने वालों के साथ सत्ता में शामिल होती है और भारत माता के सुपुत्रों को गलत मामले में जेल में डालती है.
 
CM आनंदीबेन पटेल पर भी निशाना
इतना ही नहीं पार्टी ने गुजरात की सीएम आनंदीबेन पटेल को भी नहीं छोड़ा. शिवसेना ने यह कहकर अप्रत्यक्ष रूप से गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल पर निशाना साधा कि इस आग को बुझाने की जिम्मेदारी मोदी की नहीं, बल्कि उनकी पादुका को कुर्सी पर रखकर राज करने वालों की है.
 
पाटीदार आंदोलन की आग
गुजरात में जेल में बंद अपने नेताओं की रिहाई के लिए पाटीदारों (पटेल) का आंदोलन रविवार को उग्र हो गया था. पुलिस से झड़प और आगजनी के बाद मेहसाणा शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया. प्रशासन ने हिंसा के बाद मेहसाणा में इंटरनेट सेवाएं रोक दी थी और आरक्षण समर्थक पटेलों के गढ़ अहमदाबाद और सूरत के अलावा उत्तरी गुजरात के सभी शहरों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया था.