नई दिल्ली. कांग्रेस ने आगामी लोकसभा चुनाव में नीतीश कुमार के जनता दल युनाइटेड के साथ गठबंधन की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है. कांग्रेस ने ‘संघ मुक्त भारत’के बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नारे का समर्थन किया तो किया लेकिन साथ ही यह भी साफ कर दिया कि वह लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय स्तर पर कोई गठबंधन नहीं बनाएगा.
 
कांग्रेस महासचिव शकील अहमद यह बात एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कही. जबकि इससे दो दिन पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश ने समान विचारधारा वाली सभी पार्टियों से बीजेपी के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया था.
 
‘गठबंधन राज्य की परिस्थिति के अनुसार’
शकील अहमद ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि नीतीश ने यह कहा है कि हम बिहार में साथ हैं, इसलिए हम पूरे देश के लिए कोई गठबंधन कर रहे हैं. उनके साथ हमारा गठबंधन खासतौर से बिहार के लिए है. अहमद ने कहा कि नीतीश कुमार और लालू प्रसाद के साथ हमारा गठबंधन बिहार में है. केरल में वहां की पार्टियों के साथ हमारा गठबंधन है. इसलिए गठबंधन तो हर जगह हो रहा है, लेकिन यह खास राज्य की परिस्थिति के अनुसार होता है.
 
राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन की बात गलत
शकील अहमद ने कहा कि बिहार में कांग्रेस नीतीश कुमार और लालू प्रसाद के गठबंधन में है. लेकिन राष्ट्रीय गठबंधन की बात सोचने से पहले यह भी देखा जाना चाहिए कि एक राज्य में बहुत सशक्त पार्टी का पड़ोस के राज्य में कोई आधार ही नहीं है. अहमद ने कहा कि यह सही है कि संघ मुक्त भारत के अभियान में देश में एकजुटता होनी चाहिए. लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन की बात नीतीश कुमार ने नहीं कही है.
 
‘2019 तक मोदी सरकार चेहरा छिपाकर भाग जाएगी’
इसके अलावा प्रस्तावित गठबंधन में कांग्रेस की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस महासचिव ने कहा कि 2019 तक मोदी सरकार की हालत ऐसी हो जाएगी कि देशवासी बिना किसी गठबंधन के बने ही उसे भगाने का तैयार हो जाएंगे. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार हर मोर्चे पर विफल रहे हैं. अर्थव्यवस्था ध्वस्त हो रही है. रोज़गार नहीं है. अब धीरे-धीरे सरकार के भ्रष्टाचार के उदाहरण भी सामने आने लगे हैं. जम्मू-कश्मीर से लेकर गुजरात तक आग लगी है. हिंसा हो रही है और सरकारें इन सब के बावजूद हाथ पर हाथ धरे बैठीं हैं.