पटना. जेडीयू के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‘संघ मुक्त’ भारत की बात करते हुए ‘लोकतंत्र की रक्षा’ के लिए गैर बीजेपी दलों के एकजुट होने की अपील की. पटना में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नीतीश ने कहा कि ‘संघ मुक्त’ भारत बनाने के लिए सभी गैर बीजेपी दल को एक होना होगा.
 
गत लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने ‘कांग्रेस मुक्त’ भारत का नारा दिया था. नीतीश ने कहा कि बीजेपी और उसकी बांटने वाली विचारधारा के खिलाफ एकजुटता ही लोकतंत्र को बचाने का एक मात्र रास्ता है. वह न तो किसी व्यक्ति विशेष और न ही किसी दल के खिलाफ हैं, पर संघ की बांटने वाली विचारधारा के खिलाफ हैं. 
 
नीतीश ने जिन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव के पूर्व बीजेपी के वर्तमान नेतृत्व पर प्रहार करते हुए इस दल से जून वर्ष 2013 में ही संबंध विच्छेद कर लिया था. इन दिनों वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए बिहार के तर्ज पर ही राष्ट्रीय स्तर पर गैर बीजेपी दलों को एकजुट करने के प्रयास में लगे हुए हैं. 
 
शरद यादव के स्थान पर गत 10 अप्रैल को जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष की कमान संभालने वाले नीतीश ने कहा कि बीजेपी के तीन कद्दावर नेताओं अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को पार्टी के भीतर दरकिनार कर दिया गया है और अब यह दल और सत्ता ऐसे व्यक्ति के हाथ में चली गयी है जिनका धर्मनिरपेक्षता और सांप्रदायिक सौहार्द में कोई विश्वास नहीं है.