देहरादून. उत्तराखंड के सीएम हरीश रावत के खिलाफ बागी विधायकों ने एक स्टिंग जारी किया है. इसमें सीएम दिखाई दे रहे हैं. स्टिंग में पैसे के लेन-देन की भी बातचीत हो रही है. बागी हरक सिंह रावत का आरोप है कि उन्हें और उनके साथियों को जान से मारने की भी धमकी दी जा रही है.

बागी विधायक हरक सिंह रावत का आरोप है कि कांग्रेस के नौ बागियों और कुछ बीजेपी विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिश की जा रही है. हरक सिंह ने कहा, ‘हमें जान से मारने की धमकी भी मिल रही है. हमने भारत सरकार से सिक्युरिटी का अरेंजमेंट करने की अपील की है.’

आरोपों पर उत्तराखंड कांग्रेस का कहना है कि स्टिंग फर्जी है और इसकी जांच की जानी चाहिए. जांच में जो भी दोषी हो, उस पर कार्रवाई की जाए. बता दें कि हरीश रावत सरकार इस समय संकट में है. उनकी पार्टी के 9 विधायक बीजेपी के साथ मिल चुके हैं.

क्या है स्टिंग में ?

बताया जा रहा है कि रावत के सामने बैठा शख्स विधायकों की खरीद-फरोख्त की बात कर रहा है. सामने बैठा शख्स बोल रहा है, ‘दो से मंत्री पद की बात हो गई है.’ “कितना कैश… आप देख लें”

जवाब में सीएम रावत कहते है, ‘मैं 5 से ज्यादा नहीं दे सकता.’ फिर सामने बैठा शख्स कहता है, ‘सर 5 आप दे दोगे और 10 मैं व्यवस्था कर लूंगा.’

आरोपों पर क्या बोले हरीश रावत ?

सीडी सामने आने के बाद सीएम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके आरोपों को सिरे से नकार दिया. रावत ने उस पत्रकार की रेप्युटेशन पर ही सवाल उठाया, जिसका नाम इस सीडी के पीछे बताया जा रहा है.

सीएम ने आरोप लगाया कि बागी विधायक पहले पार्टी से बीजेपी में पैसे के लिए गए और पैसे के लिए ही वे बातचीत करना चाहते हैं.

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने भी स्टिंग को पूरी तरह फर्जी बताया है. उन्होंने कहा कि हम 28 को बहुमत साबित करके दिखाएंगे.

70 सीटों वाली उत्तराखंड असेंबली में कांग्रेस के 36, बीजेपी के 28, निर्दलीय 3, बीएसपी के 2 और यूकेडी का 1 विधायक है. कांग्रेस से 9 विधायक बागी हैं. इससे कांग्रेस के पास 27 विधायक रह जाते हैं. उसे पीडीएफ के 6 मेंबर्स का सपोर्ट हासिल है.

अगर स्पीकर कांग्रेस के नौ बागियों को दल-बदल कानून के तहत अयोग्य करार देते हैं तो विधानसभा 61 सीटों की रह जाएगी. तब बहुमत के लिए 31 की जरूरत होगी. ऐसे में, रावत कांग्रेस के 27 और पीडीएफ के 6 मेंबर्स के बूते सरकार बचा सकते हैं.