नई दिल्ली. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख नेता असदुद्दीन ओवैसी ने  कहा है कि वह भारत मां की जय नहीं बोलेंगे. इसी विवादित बयान पर राजनीति गरम होती जा रही है. केंद्रीय संसदीय मंत्री एम वेंकैया नायडू ने असदुद्दीन ओवैसी के विवादित बयान को दुर्भाग्‍यपूर्ण और शर्मनाक करार दिया है.
 
नायडू ने मंगलवार को कहा कि ओवैसी को अपने इस बयान पर शर्म आनी चाहिए. उन्‍होंने हैरानी जताई कि कुछ पार्टियां ऐसे बयान देने वालों के साथ हैं, जो चिंताजनक है. नायडू ने यह भी कहा कि भारत हमारी मातृभूमि है और सभी को इसकी पूजा करनी चाहिए. नायडू ने साथ ही यह भी कहा कि ‘भारत माता की जय’ कहने की कोई कानूनी मजबूरी नहीं है, फिर भी हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह मातृभूमि की पूजा करे. वहीं, ओवैसी के बयान पर शिवसेना ने भी जोरदार प्रहार किया है. शिवसेना का कहना है कि उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए. 
 
शिवसेना ने जताया विरोध 
शिवसेना नेता और महाराष्ट्र सरकार में पर्यावरण मंत्री ने कहा कि ओवैसी कहते हैं कि भारत मां की जय नहीं कहूंगा, तो ये बहुत गंभीर बात है. ओवैसी पाकिस्तान चला जाए. मुख्यमंत्री से कहूंगा कि इस बयान की वो जांच कराएं और ओवैसी पर कार्रवाई करें.
 
‘ओवैसी को सदबुद्धि दे’
ओवेसी के विवादित बयान पर सियासी संग्रांम छिड़ गया है. शिवसेना ने विरोध जताया है. महाराष्ट्र सरकार में मंत्री सुधीर मुंगटीवार ने कहा कि अल्ला ताला, ओवैसी को सदबुद्धि दे, हम यही दुआ करेंगे. स्थानीय प्रशासन ओवेसी के बयान की जांच करेगी. अभिव्यक्ति की आजादी को आधार बनाकर कोई भी बयान नहीं दिया जा सकता है.
 
संघ प्रमुख के बयान के विरोध में बोले ओवैसी
कुछ दिन पहले ही आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने कहा था कि देश में लोगों को भारत माता की जय बोलना सिखाया जाता है. जेएनयू में देशद्रोही नारेबाजी की घटना के सामने आने के बाद उन्होंने कहा था कि नई पीढ़ी को देश भक्ति की बातें सिखाई जानी चाहिए. ओवैसी ने संघ प्रमुख भागवत का विरोध करते हुए ये बातें कही.